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गले के आर-पार हुआ लोहे का सरिया,मामूली से मिस्त्री सद्दाम के लिए “MY”अस्पताल के डॉक्टर बने मसीहा

ByM. Farid

Apr 3, 2026

मिस्त्री के गले के आर-पार हुआ लोहे का सरिया, MY अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई जान

इंदौर के एम.वाई. अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। खरगौन के एक 30 वर्षीय युवक के गले में निर्माण कार्य के दौरान लोहे का सरिया घुस गया था। बेहद नाजुक स्थिति में अस्पताल पहुंचे इस युवक का सफल ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने उसे मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

*इंदौर से संवाददाता अज़हर मिर्ज़ा*

 

हादसे ने थाम दी थीं सांसेंप्राप्त जानकारी के अनुसार, खरगौन जिले के आनंद नगर निवासी सद्दाम (30), जो पेशे से मिस्त्री है, बुधवार (1 अप्रैल) सुबह करीब 10:30 बजे काम कर रहा था। इसी दौरान एक अनियंत्रित लोहे का सरिया उसके गले के आर-पार हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सद्दाम को तुरंत जिला अस्पताल खरगौन ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे तत्काल इंदौर के एम.वाई. अस्पताल रेफर कर दिया।चुनौतीपूर्ण था ऑपरेशनएम.वाई. अस्पताल पहुँचते ही सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द शुक्ला के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई।

 

 

मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि सरिया गले के बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों के करीब था। एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी जैन और उनकी इमरजेंसी टीम ने मरीज को स्थिर किया, जिसके बाद सर्जरी शुरू हुई।इन योद्धाओं ने दी नई जिंदगीडॉक्टरों की टीम में डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर और सीनियर रेजिडेंट डॉ. सुब्रजीत नायक सहित कई जूनियर डॉक्टर शामिल थे। टीम ने घंटों चली इस जटिल और रिस्की सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक सरिया निकाल दिया।फिलहाल खतरे से बाहर ऑपरेशन के बाद सद्दाम की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन और परिजनों ने डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता की सराहना की है। इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्थितियों में एम.वाई. अस्पताल की टीम किसी संजीवनी से कम नहीं है।

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