इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने वंदे मातरम न गाने के मुद्दे पर पार्षद रुबीना इक़बाल खान को लेकर बयान दिया है इसके बाद ये चर्चा तेज़ हो गई है कि वार्ड 39 की पार्षद रुबीना इक़बाल को जल्द ही कांग्रेस पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है।
*इंदौर से संवाददाता अज़हर मिर्ज़ा*
इसी मामले को लेकर एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में रुबीना इक़बाल ने शेरनी की तरह दहाड़ते हुए इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे द्वारा की गई कार्यवाही पर कई सवाल खड़े किए है।
रुबीना इक़बाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा की “चिंटू चौकसे कौन होते हैं मुझे कांग्रेस से निकालने वाले? कांग्रेस उनकी नहीं है। वो गुल्ली-डंडा खेलते थे हम तब से मेरे हसबैंड कांग्रेस की राजनीति कर रहे हैं। मेरे हसबैंड ने कांग्रेस में जीवन के 40 साल दिए है। अपनी पूरी ज़िंदगी उन्होंने कांग्रेस के लिए खत्म कर दी। रुबीना इक़बाल ने कहा कि में दो बार निर्दलीय जीती,हमे कई पार्टियों के ऑफर थे लेकिन हम कांग्रेस के साथ ही रहे। चिंटू चौकसे के बोलने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर जीतू पटवारी मुझे निकालेंगे तो में उस बात को मानूंगी।
रुबीना इक़बाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चिंटू चौकसे के नहीं बल्कि ये राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जीतू पटवारी तथा कमलनाथ की कांग्रेस है।
चिंटू चौकसे को एक छोटा सा प्यादा बताते हुए रुबीना इक़बाल ने कहा कि उन्हें मुझे पार्टी से निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है। मुझे निष्कासित करने वाले ये कौन होते है।
रुबीना इक़बाल ने कहा कि चिंटू चौकसे मेरे साथ साथ मेरी पूरी मुस्लिम क़ौम को टारगेट कर रहे है की वंदे मातरम गाना हो तो कांग्रेस पार्टी में आओ नहीं तो मत आओ।
रुबीना इक़बाल ने कहा कि चिंटू चौकसे जैसे लोग ही कांग्रेस की नाव में छेद कर उस पर घमंड में उछल कर उसे डूबा रहे है।
वंदे मातरम को लेकर जब रुबीना इक़बाल से उनकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि में अभी भी अपने वक्तव्य पर क़ायम हूं।
आपको बता दे कि कुछ दिन पूर्व ही इंदौर नगर निगम में पार्षद रुबीना इक़बाल ने वंदे मातरम को गाने को लेकर की जाने वाली ज़बरदस्ती का विरोध किया था। और इसे गाने से साफ मना कर दिया था।
क्योंकि मुस्लिम स्कॉलर्स का कहना है कि वंदे मातरम का मतलब वंदन करना यानि कि पूजा करना होता है। और इस्लाम में सिवाय अल्लाह के और किसी की पूजा नहीं हो सकती।
