खजराना में गूँजी शहनाइयां: रज़ा-ए-मुस्तफ़ा सोसायटी ने रचाया 11 जोड़ों का सामूहिक निकाह
सादगी की मिसाल: शाकाहारी दावत और दुआओं के बीच शुरू हुआ 11 जोड़ों का नया सफर
इंदौर | संवाददाता अज़हर मिर्ज़ा
मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर का खजराना इलाका रविवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। अवसर था ‘रज़ा-ए-मुस्तफ़ा वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा आयोजित सामूहिक निकाह सम्मेलन का, जहाँ 11 जोड़े निकाह के पवित्र बंधन में बंधे। राजमहल गार्डन के भव्य प्रांगण में जब एक साथ ‘क़बूल है’ की सदाएं गूँजी, तो मौजूद हर शख्स की आँखें खुशी से छलक उठीं।
सादगी ने जीता दिल: शाकाहारी भोजन से दिया बड़ा संदेश

आज के दौर में जहाँ शादियाँ दिखावे और फिजूलखर्ची का पर्याय बन चुकी हैं, वहीं रज़ा-ए-मुस्तफ़ा सोसायटी ने समाज को एक नई राह दिखाई। आयोजन में पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसा गया। संस्था अध्यक्ष जावेद खान ने बताया, “हमारा मकसद फिजूलखर्ची को रोकना और सादगी को बढ़ावा देना है।” निकाह के बाद प्रत्येक दुल्हन को गृहस्थी का पूरा सामान उपहार स्वरूप दिया गया, ताकि वे अपने नए घर की शुरुआत स्वाभिमान के साथ कर सकें।
बड़ी हस्तियों का लगा जमावड़ा, साफे से हुआ इस्तकबाल
इस पुण्य कार्य में शामिल होने के लिए शहर की नामचीन हस्तियां राजमहल गार्डन पहुंचीं। शहर क़ाज़ी डॉक्टर इशरत अली की विशेष मौजूदगी में निकाह का खुतबा पढ़ा गया।
इन दिग्गजों ने बढ़ाई रौनक:
सनवर पटेल (अध्यक्ष, म.प्र. वक्फ बोर्ड)
सत्यनारायण पटेल (पूर्व विधायक)
सय्यद वाहिद अली (कांग्रेस नेता)
सूफ़ी याहया बाबा एवं पार्षद उस्मान पटेल
अख्तर नेता, नासिर खान नेताजी, रज़िक नेता और रहमान शाह यलगार।
संस्था की ओर से मेहमानों और कलम के सिपाहियों (पत्रकारों) का पारंपरिक ‘साफा’ बांधकर जोरदार इस्तकबाल किया गया।
गंगा-जमुनी तहजीब की महक
राजमहल गार्डन में मौजूद लोगों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बनते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और मोहब्बत को भी मजबूत करते हैं। दुआओं के साथ विदा हुए इन 11 जोड़ों के चेहरों की मुस्कान ही इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी कामयाबी रही।
