ऑनलाइन लोन के नाम पर ₹28 लाख की साइबर ठगी, महिला आरोपी गिरफ्तार
State Cyber Cell Police को ऑनलाइन लोन फ्रॉड के एक बड़े मामले में अहम सफलता हाथ लगी है। साइबर सेल ने करीब ₹28.68 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाली महिला आरोपी ऋतिका सेठी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवाती थी।
पुलिस के अनुसार इंदौर निवासी डॉ. अनीष कश्यप ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक महिला ने खुद को “Loan Sarathi” कंपनी की कर्मचारी बताकर उनसे संपर्क किया। महिला ने कम ब्याज दर पर लोन दिलाने और बैंक बैलेंस ट्रांसफर कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आरोपी ने सिक्योरिटी डिपॉजिट, प्रोसेसिंग फीस, रिफंड और वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये ऑनलाइन जमा करवा लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू की। जांच में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी और उपयोग किए गए मोबाइल नंबर दिल्ली निवासी ऋतिका सेठी एवं उसके परिवार से जुड़े पाए गए।
जांच के दौरान फरियादी ने पुलिस को जानकारी दी कि आरोपी लगातार संपर्क कर मामला वापस लेने का दबाव बना रही है और इंदौर आने वाली है। इसके बाद साइबर सेल की टीम सक्रिय हुई और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए पिपलियाहाना क्षेत्र से आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने फरियादी से बड़ी रकम प्राप्त करना स्वीकार किया।
पुलिस ने उपलब्ध बैंक दस्तावेज, मोबाइल नंबरों की जानकारी और डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
साइबर सेल ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन लोन, निवेश या कम ब्याज पर ऋण दिलाने वाले प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी अज्ञात व्यक्ति या संस्था के कहने पर बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करने से बचें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
