गुना| मेहनतकश वर्ग की पार्टी एस.यू.सी.आई (कम्युनिस्ट) की गुना जिला कमेटी द्वारा स्थानीय हनुमान चौराहे पर बढ़ती हुई महंगाई, पेट्रोल,डीजल, रसोई गैस के बढ़ते हुए दाम, बढ़ते हुए बिजली के बिल, बिजली के निजीकरण के खिलाफ और बाढ़ पीड़ित परिवारों को उचित सहायता की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला कमेटी के वरिष्ठ सदस्य लोकेश शर्मा ने कहा कि कोराना महामारी के चलते आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों के काम धंधे छूट गए हैं, लाखों की संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं और उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। इस महामारी में सैकड़ों परिवारो ने अपने प्रियजनों को खोया है। इन हालातों में किसी भी देश की लोकतांत्रिक सरकार का पहला कर्तव्य है कि वो रोजमर्रा की जरुरत के सामानों की खरीद बिक्री को अपने नियंत्रण में लेकर आमलोगों को कम से कम कीमत में ये उपलब्ध कराती। लेकिन हम देख रहे हैं कि हमारे देश में कोरोना जैसी आपदा को तमाम सरकारो ने एक अवसर की तरह इस्तेमाल किया है। जिस समय लोग बीमारी के डर से घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे सरकार एक के बाद एक जनविरोधी नियमों को लागू करती जा रही थी। पेट्रोलियम पदार्थों के निजीकरण, कृषि कानूनों में बदलाव, आवश्यक वस्तु कानून में संशोधन के परिणामस्वरूप रसोईगैस, पेट्रोल, डीजल, दाल, चावल, खाद्यान्न , खाद्य तेल जैसी आवश्यक चीज़ों को कंपनियों के हवाले कर दिया है। रेट फिक्स करने और स्टॉक लिमिट खत्म करने के परिणामस्वरूप इन चीज़ों के दाम आसमान छू रहे हैं।
सत्ता में बैठी पार्टियां तो चुनाव के जरिये पिछ्ले 70 सालों से बदलती आ रही हैं लेकिन जनता के हालातों कोई बदलाव नही हो रहा है। सरकार चाहे भाजपा की हो, कांग्रेस की हो या किसी अन्य पार्टी की जन विरोधी नीतियों के कारण आम जन बेहाल है। एक तरफ इस देश में चंद लोगो के हाथ में दौलत के अम्बार लग रहे हैं वही दूसरी ओर मेहनतकश अवाम गरीब से और गरीब होता जा रहा है। एक सशक्त जन आंदोलन आज समय की मांग हैं।
AIUTUC के राज्य उपाध्यक्ष व श्रमिक नेता श्री नरेंद्र भदोरिया ने कहा कि बिजली एक्ट 2020 लाकर सरकार ने विद्युत क्षेत्र में निजी कंपनियों की लूट को खुली छूट दे दी है । गुना जिले में ही कभी 15 दिन में बिजली के बिल दे दिए जाते हैं तो कभी 45 दिन में। बिजली बिलों में धांधली चरम पर है। हालात ये है कि झोपड़ी तक का बिल डेढ़- दो लाख तक आ रहे है। बिजली एक्ट 2020 के अनुसार यदि विद्युत विभाग को पूरी तरह निजी कर दिया गया तो हालात और भयावह हो जाएंगे।
SUCI(C) जिला कार्यालय सचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सार्वजनिक जरूरतों की चीज़ों को निजी हाथों में सौंप रही है। तमाम सार्वजनिक उपक्रमों को मुनाफा कमाने के लिए देशी विदेशी कम्पनियों को बेचा जा रहा है। इसके चलते न सिर्फ सेवायें मंहगी हो रही हैं बल्कि इनमें रिक्त पढ़े सरकारी पदों को समाप्त किया जा रहा है। प्रदेश में पिछले चार सालों से कोई बड़ी भर्ती परीक्षा न होने से छात्र युवाओं में घोर निराशा है। अगर वे सरकार से रोजगार की मांग करते हैं तो उनपर बर्बर लाठी चार्ज किया जाता है।
जिला कमेटी सदस्या श्रीमती प्रीती पटवर्धन ने कहा की पिछले दिनों बाढ़ एवं अतिवृष्टि के कारण कई कालोनियों सहित जिले के कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। सैकड़ों घर बारिश के चलते गिर गए हैं, किसानों की फसलें तबाह हो गई है , कई घरों के खाने-पीने सहित जरूरी सामान का नुकसान हो गया है। इन प्रभावितों को अभी तक शासन की तरफ से कोई राहत नाकाफी रही इसीलिए ये जरूरी है कि बाढ़ प्रभावितों को तुरंत मुआवजा दिया जाए व शासन स्तर पर अन्य राहत कार्य किये जायें।
प्रदर्शन को जिला कमेटी सदस्या बबिता समर ने भी सम्बोधित किया प्रदर्शन का संचालन SUCI(C) की जिला कमेटी सदस्या संगीता आर. बी ने किया, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, अंत में जोरदार नारों के साथ प्रदर्शन का समापन हुआ
