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अभा गुर्जर महासभा देवास द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया
प्रति महामहिम राष्ट्रपति जी,
राष्ट्रपति भवन दिल्ली।
द्वारा जिला कलेक्टर देवास( मध्य प्रदेश)
विषय : भारतीय समाज की समरसता एवं भाईचारा खत्म करने वाले संगठन श्री राजपूत करणी सेना पर प्रतिबंध लगाने बाबत।
मान्यवर,
उपर्युक्त विषय में हम गुर्जर समाज के लोगों का निवेदन है कि प्राचीन काल से भारत में सभी जातियां मिलजुलकर रहती आ रही है। हिंदू धर्म एक पुष्प है और जातियां उस पुष्प की रंग बिरंगी पंखुड़ियां है। हर जाति का अपना अस्तित्व है, स्वाभिमान है, गरिमा है और महापुरुष है।
गुर्जर समाज एक राष्ट्रभक्त समाज है। गुर्जर सदा से ही देश और धर्म के लिए लड़ते, मरते और मिटते रहे हैं। देश की आजादी की लड़ाई में भी गुर्जरों ने सर्वाधिक बलिदान किया है। देश की सेना में भी गुर्जर अपने प्राण हथेली पर रखकर सेवा दे रहे हैं। जम्मू कश्मीर के देशभक्त गुर्जर आज भी देश की ढाल बनकर पाकिस्तान के मकसद पर पानी फेर रहे हैं। ऐसी देशभक्त जाति के इतिहास के साथ मजाक किया जा रहा है।
समूचे विश्व को पता है की सम्राट मिहिर भोज गुर्जर जाति के थे। सरकारी इतिहास में स्पष्ट लिखा है कि मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार थे। इतिहास के साथ ही शिलालेखों, ताम्रपत्रो, सिक्कों, विजय स्तंभों, शास्त्रों और काव्यो में स्पष्ट गुर्जर सम्राट लिखा हुआ है। गुर्जर प्रतिहारो के समकालीन राजाओं ने और विदेशी आक्रांताओ ने भी प्रतिहारो को गुर्जर लिखा है। जनश्रुति भी यही कहती है।
लेकिन इन सबके बावजूद श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी हमारे इतिहास में दखल दे रहे हैं। उनका कहना है कि क्षत्रिय केवल राजपूत है। वो भूल गये हैं कि क्षत्रिय एक जाति नहीं बल्कि वर्ण है। और वर्ण व्यवस्था की शुरुआत में वर्ण का निर्धारण जन्म से नहीं बल्कि कर्म से होता था।क्षत्रिय का मतलब होता है जो देश, धर्म और जनता की रक्षा और सुरक्षा करे। प्राचीन काल में गुर्जर, जाट, अहीर, मराठा आदि जातियां क्षत्रिय कहलाती थी और वर्तमान काल में देश की सेना, पुलिस, और अन्य सुरक्षाबल क्षत्रिय कहलाते हैं। लेकिन करणी सेना द्वारा केवल राजपूतों को क्षत्रिय मानने से दूसरी जातियों जैसे गुर्जर, मराठा, जाट, अहीर, पाटीदार, खाती आदि के साथ देश की सेना और पुलिस की भावनाएं आहत हुई हैं।
विगत दिवस दादरी जिला गौतमबुद्ध नगर उप्र मे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा अनावरण में करणी सेना ने विरोध किया और मुरैना में हमारे आराध्य भगवान श्री देवनारायण जी, गायत्री माता, पटिया वाले बाबा और सम्राट मिहिर भोज के चित्र लगे पोस्टर फाड़ दिए जिससे हमारी धार्मिक भावना आहत हुई है। छतरपुर में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने यादव समाज को सरेआम गालियां दी है। वीर तेजाजी महाराज जाट समाज में जन्मे थे जिन्हें राजपूत समाज का बताया जा रहा है। करणी सेना द्वारा कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नाम की फर्जी पेपर कटिंग बनाकर सोशल मीडिया पर डाली गई है। इन सब कृत्यों को देखते हुए हम यह मांग करते हैं कि जो संगठन समाज का ताना-बाना नष्ट करने का काम करता है, अराजकता फैलाता है और दूसरों की धार्मिक भावनाएं आहत करता है ऐसे संगठन को प्रतिबंधित किया जाना जरूरी है।
अतः श्री राजपूत करणी सेना को प्रतिबंधित किया जाये और जिन असामाजिक तत्वों ने हमारे देवी देवताओं के चित्र फाड़ने की गुस्ताखी की है उन्हें अतिशीघ्र गिरफ्तार किया जाकर कड़ी सजा दी जाए।और हमारे समाज के लोगों को बिना कारण जहां जहां गिरफ्तार किये हैं चाहे ग्वालियर हो या दादरी सभी को अतिशीघ्र रिहा किये जाए। और गुर्जर समाज के गौरवशाली इतिहास में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाये अन्यथा हम राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे।
धन्यवाद।
भवदीय
मनोहर सिंह कराड़ा
जिलाध्यक्ष : अभा गुर्जर महासभा देवास मप्र ।
इस मौके पर श्री सागरमल चांदना, श्री सुरेश सिंह चांदना सम्मसखेडी, श्री लोकेश गुर्जर युवा जिलाध्यक्ष, श्री छोटूसिह गुर्जर पार्षद, श्री गोविंद गुर्जर, श्री उदयसिंह कराड़ा, श्री लाड़सिह गुर्जर, श्री कमल गुर्जर, निर्भय सिंह कराड़ा, श्री संतोष मंडलोई, श्री पिंटुजी गुर्जर, बसंत गुर्जर, मयंक गुर्जर, राधेश्याम छावडी, रतनसिंह छावडी, फूलसिह सिंगर, मानसिह गुर्जर, बाबुलाल पंडाजी, राजेन्द्र सरपंच, कमल सिंह सरपंच, अंकूर गुर्जर, देवीसिह गुर्जर, कालुसिह गुर्जर, बाराराम गुर्जर, अर्जुन गुर्जर, दिलीप गुर्जर, बाबुलाल गुर्जर, अर्जुन गुर्जर, सौदानसिह गुर्जर, राजु गुर्जर कलमा, राजेन्द्र गुर्जर, सुमित गुर्जर, गोविंद गुर्जर,, कालू सिंह गुर्जर रंजीत गुर्जर अर्जुन गुर्जर रवि गुर्जर जिगर गुर्जर कमल सिंह गुर्जर माधव सिंह गुर्जर मोहन गुर्जर संतोष गुर्जर अजय गुर्जर संजय गुर्जर राम सिंह गुर्जर लोकेंद्र सिंह गुर्जर जगदीश गुर्जर मनीष गुर्जर अर्जुन गुर्जर विकास गुर्जर राजेंद्र सिंह गुर्जर अनिल गुर्जर निर्मल गुर्जर चेतन गुर्जर कुंदन चंद्रावत राजेंद्र चावड़ा शिवम चावड़ा गोपाल गुर्जर करण सिंह गुर्जर कमल गुर्जर आशीष गुर्जर ईश्वर सिंह गुर्जर संदीप सिंह गुर्जर जितेंद्र गुर्जर नंदकिशोर गुर्जर लोकेश गुर्जर गाना गुर्जर विजय गुर्जर राहुल गुर्जर भरत सिंह गुर्जर पिंटू गुर्जर संतोष गुर्जर सिद्धनाथ गुर्जर श्री राम गुर्जर बने सिंह गुर्जर भंवर लाल गुर्जर मनोहर गुर्जर भगवान सिंह गुर्जर नाथू सिंह गुर्जर माखन गुर्जर राम सिंह गुर्जर चरण सिंह गुर्जर भूरा गुर्जर निर्मल गुर्जर जितेंद्र आकाश गुर्जर अर्जुन गुर्जर आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
