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Vaqif Khabar

नवरात्रि में रात्रिकालीन कर्फ्यू पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष मनोज राजानी नें उठाए सवाल-कहा अधिकांश दर्शनार्थी रात में ही आते हैं

ByM. Farid

Oct 8, 2021

नवरात्रि में रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाने के क्या मायने?  बाहर से आने वाले अधिकांश दर्शनार्थी रात में ही आते हैं। कांग्रेस         देवास  = कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के  उद्देश्य से शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान देवास शहर सहित पूरे जिले में रात 11:00 से सुबह 6:00  बजे तक का कर्फ्यू लगाया गया है । शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने बताया की कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अत्यंत आवश्यक है लेकिन रात में कर्फ्यू लगाने के क्या मायने जबकि प्रदेश में कहीं भी रात का कर्फ्यू नहीं लगाया गया है।  सर्वविदित है कि इंदौर उज्जैन और आसपास के अधिकांश दर्शनार्थी रात में ही देवास आकर दर्शन करते हैं और खास करके जो इंदौर उज्जैन से पैदल चलकर माता के दर्शन करते हैं उनकी संख्या सर्वाधिक रही है यह रिकॉर्ड रहा है । वहीं शहर के लोग भी सुबह 4:00 बजे से माता टेकरी पहुंचते हैं जब 6:00 बजे तक कर्फ्यू रहेगा तो फिर लोग पहुंचेंगे कब जब की सुबह की आरती 6 बजे  के  पूर्व होती है कई दर्शनार्थी तो दुर्गा उत्सव में आरती में अवश्य भाग लेते ही हैं ।एक और शहर सहित प्रदेश में दुर्गा उत्सव मनाने की पूरी तरह से छूट दी गई है वही देवास में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया गया है जबकि प्रदेश के जो महत्वपूर्ण माता के मंदिर है उनमें देवास  का माता चामुंडा माता तुलजा भवानी का मंदिर प्रमुख रूप से है जहां नवरात्रि पर्व के दौरान लाखों दर्शनार्थी दर्शन करने आते हैं इन्ही दर्शनार्थियों को दर्शन कराने के उद्देश्य प्रशासन ने भी पूरी तैयारी की है। फिर रात का कर्फ्यू लगाने के क्या मायने। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला  ने जो निर्णय लिया है उसमें सांसद और विधायक की भी सहमति है ? अगर है तो यह देवास  शहर व दर्शनार्थियों के  हित में नहीं है । साथ ही कांग्रेस ने मांग की है कि कलेक्टर श्री शुक्ला अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और रात्रिकालीन कर्फ्यू की जो घोषणा की है वह वापस करें कहीं ऐसा ना हो कि यह घोषणा औपचारिक बनकर ही रह जाए।

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