देवास 13 नवम्बर 2021/ मध्य प्रदेश सरकार की योजनाएं प्रदेश भर के जनजातीय वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। जनजातीय वर्ग की महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर न केवल स्वयं सशक्त हो रही हैं बल्कि अपने परिवार का आर्थिक स्तर भी ऊंचा उठा रही है। समूह से जुडकर जनजातीय वर्ग की महिलाएं आर्थिक समृद्धि हासिल कर रही है। स्व-सहायता समूह से जुडने के बाद महिलाओं की जिन्दगी की दिशा ही बदल गई है।
देवास जिले के विकासखण्ड कन्नौद के ग्राम बावडी खेडा में रहने वाली जनजातीय वर्ग की महिला बानू दीदी आज स्व–सहायता समूह से जुड कर आत्म निर्भर बनी है। वह 2017 में स्व-सहायता समूह से जुडी। बानू दीदी बताती है कि उनका जन्म एक गरीब आदिवासी परिवार में हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोडनी पड़ी एवं कम उम्र में ही इनका विवाह हो गया। उनका एक लड़का और एक लड़की है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चो कि पढ़ाई करवाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों की पडाई का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया था।
बानू दीदी बताती है कि समूह से जूडी समूह की दीदीयों ने सक्रियता के कारण मुझे समूह का अध्यक्ष बनाया गया। साथ ही वह कृषि सखी का कार्य भी करती है। उन्होंने सब्जी व्यवसाय और मुर्गी पालन का काम भी प्रारंभ किया जिससे उनकी आमदनी में वृध्दि हुई है, वर्तमान समय में बानु दीदी को कही पर मजदूरी करने नही जाना पड़ता था। जिससे उसके परिवार की आर्थिक स्थिती में काफी सुधार हुआ है। शासन की योजनाओं का लाभ मिलने पर वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और जिला प्रशासन को धन्यवाद दे रही है।
देवास जिले में जनजातीय वर्ग की महिला बानू दीदी स्व–सहायता समूह से जुड कर बनी आत्म निर्भर – समूह से जुडने के बाद बानू दीदी को कही पर मजदूरी करने नही जाना पड़ता
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