बिजली, के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन एस, यू, सी आई, (कम्यूनिस्ट)
देवास:- बिजली के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए एस, यू, सी आई, (कम्यूनिस्ट) के जिला कमेटी के सदस्य विनोद प्रजापति, ने कहाँ मध्यप्रदेश में बिजली जैसी आवश्यक सेवा के निजीकरण की खबरें लगातार सामने आ रही है। प्रदेश की जनता पहले ही बेतहाशा बढ़े हुए बिजली बिलों के झटके से बेहाल है । छोटी-छोटी झोपड़ी में रहने वाले बमुश्किल दिहाडी कर अपना जीवन गुजारने वाले आम मजदूर किसानों को भी कई हजार रुपए का बिजली का बिल देना पड़ रहा है,कारण है या तो आंकलित खपत के नाम पर अनुमानित बिल दिये जा रहे हैं या फिर मूल तौर पर बिजली के दाम प्रति यूनिट बहुत तीव्रता से बढ़ाए जा रहे है। आगे अपनी बात रखते हुए रोहित राठौर ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार आग में घी का काम करने के लिए केंद्र सरकार की नीति पर चलते हुए बिजली अधिनियम 2021 को लागू करने में मध्य प्रदेश सर्वोत्तम स्थान हासिल करना चाह रहा है और इसलिए मध्यप्रदेश में बिजली का निजीकरण बहुत तेजी से किया जा रहा हैं ।
बिगड़ती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन जीना दूभर कर दिया है ऐसे में बिजली,जो कि हर घर की जरूरत है, आवश्यक वस्तुओं के अगर दाम इस बेतरतीब तरीके से बढ़ाते जाएंगे और बिजली के निजीकरण के मसौदा बिजली अधिनियम 2021 को लागू किया जाएगा तो इसका बहुत प्रतिकूल प्रभाव प्रदेश की जनता पर पड़ेगा। सयाजी गेट पर प्रदर्शन करने के बाद कलेक्ट्रेट में जाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें ओमप्रकाश अहिरवार हेम सिंह राठौर करण सिंह मालवीय विजय मालवीय रितेश डोडवे जय सिंह सोहन ठाकुर योगेश रोहित सोलंकी वाणी जाधव पूर्णिमा यादव मोनिका गुजराती शामिल रहे
ज्ञापन में निम्न मांग की गई
1)बिजली के दाम बड़ाना बंद करो ।
2) बिजली संसोधन बिल 2021रद्द करो।
3) आंकलित खपत व अन्य नामों से बिलों मे धांधली करने वालों पर कार्यवाही करो।
4)बिजली के निजीकरण पर रोक लगाओ। ठेके पर या आउट सोर्स पर रखे तमाम कर्मचारियों को स्थाई किया जाये व उनकी जायज माँगो को शीघ्र पूरा किया जाये।
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