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स्व-सहायता समूह में जुड़ने के बाद देवास जिले की रुबीना की बदली किस्मत मुख्यमंत्री श्री चौहान मंगलवार 8 फरवरी को रुबीना से करेंगे संवाद

ByM. Farid

Feb 7, 2022

(खुशियों की दास्‍तां)

स्व-सहायता समूह में जुड़ने के बाद देवास जिले की रुबीना दीदी की बदली किस्मत

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मुख्यमंत्री श्री चौहान मंगलवार 8 फरवरी को स्व-सहायता समूह की सदस्य रुबीना दीदी से करेंगे संवाद

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देवास 07 फरवरी 2022/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार 8 फरवरी को मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूह को क्रेडिट लिंकेज अंतर्गत ऋण वितरण करेंगे। मुख्‍यमंत्री श्री चौहान वर्चुअल माध्यम से जिले के देवास विकासखंड की रुबीना दीदी से रूबरू होंगे। रुबीना दीदी ग्राम गुर्जर बापचा की रहने वाली है। रुबीना दीदी 2017 में आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह में जुड़ी थी। उससे पहले रुबीना दीदी अन्य लोगों के खेतों में मजदूरी करती थी। 2017 में स्व-सहायता समूह में जुड़ने के बाद उनकी तो जैसे किस्मत ही बदल गई उनके समूह का नाम जागरूक आजीविका स्व-सहायता समूह है, जिसमें 12 महिला सदस्य जुड़ी हुई है।

रुबीना दीदी ने समूह से जुड़ने के बाद पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा ना उन्होंने हिम्मत हारी। आज रुबीना दीदी ने अपने गांव गुर्जर बापचा में 12 समूह बनाए हैं। 12 में से 10 स्वयं सहायता समूहों को रुबीना दीदी ने भारत सरकार से मिलने वाली रिवाल्विंग फंड एवं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड अंतर्गत लगभग 1 लाख 10 हजार रूपये प्राप्त करने में सहायता प्रदान की है। उन्हें बैंकों से क्रेडिट लिंकेज अंतर्गत ऋण प्राप्त करने में सहायता की एवं उस राशि से सभी समूह सदस्य कैसे आर्थिक रूप से सशक्त हो सके इसके लिए लगातार प्रयास किया। रुबीना दीदी कहती है उद्यम सखी के रूप में अपने समूह की मदद करने में मुझे बहुत आत्म संतुष्टि मिलती है।

रुबीना दीदी ने अपने स्वयं के लिए पहले छोटी सी किराना दुकान खोली फिर छोटी सी रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोली फिर उन्होंने रेडीमेड कपड़े जगह-जगह गांव-गांव जाकर बेचना शुरू किए और अब रुबीना दीदी गांव से शहर में आकर रेडीमेड कपड़े की दुकान अपने पति के लिए खोल कर स्वयं एक चार पहिया वाहन लिया है और उन्होंने अपनी पहचान आजीविका मिशन में उद्यम सखी के रूप में स्थापित की है। उद्यम सखी अर्थात जिले में आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों के द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों को उन समूहों से खरीदती है और गांव गांव जाकर न केवल वह उन समूहों का और उत्पाद बनाने वाले गांव की दीदीयों का प्रचार-प्रसार करती है बल्कि उत्पाद बेचकर खुद भी अच्छी आय प्राप्त कर रही हैं।

रुबीना दीदी के गांव में स्व-सहायता समूह के माध्यम से प्राप्त आर्थिक सहायता से अलग-अलग प्रकार की आजीविका गतिविधियां संचालित हो रही हैं। आटा चक्की, चाय दुकान, रेडीमेड कपड़े की दुकान, मिस्त्री कारीगरी, नाश्ते की दुकान, बकरी पालन, मुर्गी पालन और पोषण वाटिका इस प्रकार कई तरह की आजीविका गतिविधियों से जुड़कर समूह के परिवार आर्थिक समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

रुबीना दीदी सभी समूहों के साथ-साथ अपने स्वयं के समूह एवं खुद के परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करने में कभी पीछे नहीं हटी है जहां 2018 में रुबीना दीदी ने अपने गांव में 25 महिलाओं, जिनको सिलाई के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, आरसेटी से सिलाई प्रशिक्षण कराते हुए गणवेश निर्माण कार्य से जोड़ा और घर में बैठकर उन्हें रोजगार करने का व आय प्राप्त करने में मदद की। 2020-21 में रुबीना दीदी ने अपने संकुल संगठन में गेहूं उपार्जन के दौरान अपने गांव के अधिक से अधिक पुरूषों को उपार्जन केंद्र पर हम्माल के रूप में काम करने का अवसर उपलब्ध कराया। 2020-21 में फिर से गणवेश निर्माण के दौरान रुबीना दीदी ने न केवल अपनी महिलाओं को एक और अवसर घर में रहकर आय प्राप्त करने का उपलब्ध कराया बल्कि 2 लाख का मुनाफा भी उनके समूह ने कमाया।

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