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ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी ने सागर (म.प्र) की शहीद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 50 लाख का मुआवज़ा दिए जाने की माँग की

ByM. Farid

Apr 17, 2022

ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी ने सागर (म.प्र) की शहीद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 50 लाख का मुआवज़ा दिए जाने की माँग की*

विगत दो महीने से भी ज्यादा समय से प्रदेश भर में नियमितीकरण व अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलनरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन के प्रति सरकार की आपराधिक उदासीनता के चलते प्रदेश के सागर जिले में शाहनवाज़ बानो सहित दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहीद हो चुकी हैं।
तीन कैबिनेट मंत्री वाले जिले में सरकारी अनसुनी का ये हाल है।
ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी के प्रदेश अध्यक्ष राममावतार शर्मा व सचिव सुनील गोपाल ने संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के मुखिया राजनीतिक व अन्य लोकलुभावन कार्यक्रमों में इतने व्यस्त हैं की उन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुनने तक का समय नहीं है, जबकि वह जानते हैं कि महामारी के दौरान इन्हीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी सेवाएं दी हैं। यही आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता सरकार की तमाम योजनाओं को धरातल पर उतारती हैं, लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा तक न देकर उनका तीव्र आर्थिक शोषण किया जा रहा है। महंगाई और सरकार की गलत नीतियों के चलते इनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं,और अधिकांश घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा । वे लगभग दो महीने से अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसी क्रम में सागर जिला में आमरण अनशन के दौरान 8 दिन के अंतराल में दो कार्यकर्ता धरना स्थल पर ही शहीद हो चुकी हैं। उनकी इस कुर्बानी के बाद भी प्रदेश के मुखिया की असंवेदनशीलता यहाँ तक है कि उन्हें अपने कर्मचारियों की बात सुनने तक का वक्त नहीं है। एक तरफ महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार अपराध बढ़ाने वाली शराब नीति लाकर शराब को सस्ता कर नशा को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों के हित का एक भी काम नहीं किया जा रहा। लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियां बनाई जा रही हैं और इसी के खिलाफ जो कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं उन्हें या तो अनदेखा किया जा रहा है,या उनका दमन किया जा रहा है, जो कि बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी निम्नलिखित मांग करती है।
1.आंदोलन में शहीद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 50-50 लाख का मुआवजा दिया जाए।
2. समस्त आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को नियमित कर शासकीय कर्मचारी दर्जा दिया जाए।
3. तत्काल प्रभाव से आंदोलन की सभी मांगों को माना जाए

सुनील गोपाल**सचिव**ए.आई.यू.टी.यू.सी*

*मध्यप्रदेश*
28,अशोकनगर पुल बोगदा
भोपाल

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