

*क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात नहीं कहोगे?*
*महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यादगार कमेटी, देवास ने आयोजित की विचार गोष्ठी|*
देवास | नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यादगार कमेटी, देवास ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती के अवसर पर मुंशी प्रेमचंद प्रसिद्ध कहानी “पंच परमेश्वर” पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया । नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यादगार कमेटी के अध्यक्ष श्री मोहन जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कमेटी क्रांतिकारियों, मनीषियों के विचारों को लोगों के बीच में ले जाना हेतु प्रयासरत है इसी क्रम में आज ऊर्दु-हिन्दी के महान साहित्यकार, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 142 वीं जयंती है यह गोष्ठी रखी गई है| विचार गोष्ठी की शुरुआत में कमेटी के उपाध्यक्ष श्री मोरसिंह राजपूत ने कमेटी के उद्देश्य से अवगत कराया।विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि देवास के प्रख्यात साहित्यकार श्री प्रकाश कांत जी ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद के विचार आज भी प्रासंगिक है, उनकी कहानी, उपन्यास के चरित्र आम आदमी की असल जिंदगी के चरित्र थे| प्रेमचंद ने अपनी कहानी पंच परमेश्वर में पंचायत की अवधारणा को दिखाया है| पंच परमेश्वर के चरित्र आज भी समाज में मौजूद है| छात्रों और नौजवानों को उनके विचारों से प्रेरणा लेना चाहिए| विचार गोष्ठी में ओटला लाईब्रेरी के संचालक साहित्यकर श्री बहादुर पटेल , नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यादगार कमेटी के संयोजक अजीतसिंह पंवार, ज्योति देशमुख, संदीप नाईक, हरि जोशी, ओम वर्मा, अरुण सुरेश अहिरवार ने भी अपने विचार बहुत अच्छे तरीके से समझाते हुए रखे। गोष्ठी की अध्यक्षता श्री मोहन जोशी ने की व गोष्ठी का संचालन वाणी जाधव व राजुल श्रीवास्तव ने किया व आभार फरीद कुरेशी ने किया।
