ईरान से युद्ध हारने के बाद इजरायली नागरिकों के लिए दूसरे देशों का सफर अब नहीं रहा आसान।
सीज़फायर के बाद से ही दुनिया भर के युद्ध विशेषज्ञ इस युद्ध में ईरान को जीता हुआ बता रहे है। और इसका सबसे बड़ा नुकसान इज़राइल को हो रहा है।
हाल ही में मास्को के एक हवाई अड्डे पर 40 इज़रायली नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया था। जहां कड़ी पूछताछ के बाद इज़रायली विदेश मंत्रालय के दखल से इन नागरिकों को छोड़ तो दिया गया। लेकिन इसके पहले सुरक्षा बलों द्वारा 5 घंटे हिरासत में लेकर इन सभी नागरिकों से कड़ी पूछताछ की गई। मीडिया रिपोर्ट की माने तो सभी इज़रायली नागरिकों को ईरान अमेरिका युद्ध के चलते पूछताछ के लिए बंदी बनाया गया था।
वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे एक ‘नियमित सुरक्षा प्रक्रिया’ करार दिया और इज़राइल पर भी रूसी नागरिकों के साथ ऐसा ही व्यवहार करने का आरोप लगाया।
आपको बता दे की इजरायली एयरपोर्ट्स पर अन्य देशों के नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार कोई नई बात नहीं है लेकिन किसी अन्य देश में इज़रायली नागरिकों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की ये अपने आप में पहली खबर है। वैसे भी विश्व भर में इज़रायली नागरिकों को मोसाद एजेंट के रूप में ही देखा जाता है।
दरअसल विशेषज्ञों की बात मानी जाए तो ईरान युद्ध हारने के बाद अब अमेरिकी फौज का वो दबदबा नहीं रहा जो पहले होता था। इसका सबसे बड़ा नुकसान इज़राइल को उठाना पड़ सकता है। और इसके परिणाम अब आना भी शुरू हो गए है।
