देवास = पिछले दिनों भोपाल में कमला नेहरू अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में आग लगने की घटना और कई बच्चों की मौत हो जाने के बाद निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में फायर सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है । जिन अस्पतालों के पास फायर एनओसी है उन्हें तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जहां फायर एनओसी नहीं है उन्हें अगले कुछ दिनों में व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए जिला प्रशासन द्वारा तब तक के लिए नए मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी गई है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला ने निजी नर्सिंग होम संचालको को निर्देशित किया है कि वह 1 सप्ताह के अंदर अपने हॉस्पिटल में अगर फायर सिस्टम नहीं है तो लगवा ले जब तक अपने नर्सिंग होम मैं नए मरीजों को अपने यहां भर्ति नहीं करें। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि एक सप्ताह में कैसे निजी नर्सिंग होम संचालकों को फायर सेफ्टी के संदर्भ में एनओसी मिलेगी और इतनी जल्दी कैसे काम करवाएंगे कम से कम इसके लिए एक माह का समय दिया जाना चाहिए वही यह भी निर्देशित किया गया है कि नए मरीज भर्ती नहीं करें ऐसे में अनेक गंभीर मरीजों को देवास छोड़कर इंदौर के हॉस्पिटल में जाना पड़ेगा या नहीं चाह कर भी उन हॉस्पिटलों में जाना पड़ेगा जहां पर फायर सेफ्टी के इंतजाम पहले से किए गए हैं । कांग्रेस ने मांग की है कि कलेक्टर श्री शुक्ला अपने आदेश में संशोधन करें और जिन नर्सिंग होम संचालकों के हॉस्पिटलों में सफायर सिस्टम नहीं है उन्हें एक माह का समय निर्धारित करें वही मरीजो को भर्ती करने पर जो रोक लगाई गई है वह भी तत्काल हटाए ।
