*देवास:-* भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष हर्षप्रताप सिंह गौड़ के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जन्म जयंती पर पेंसिल बाट कर बाल दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि 14 नवंबर का दिन जवाहर लाल नेहरू को समर्पित किया गया है। दरअसल जवाहर लाल नेहरू को बच्चों के प्रति बेहद स्नेह था। बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। बच्चों के लिए बेशुमार प्यार, लगाव एवं देश को आजाद करवाने व स्वतंत्रता के बाद भारत को मजबूत बनाने में योगदान को लेकर जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन 14 नवंबर को हर वर्ष बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। चाचा नेहरू हमेशा कहते थे कि देश के स्वर्णिम विकास में बच्चे की अहम भागीदारी है। बच्चे ही देश का भविष्य हैं।
भारत के आजाद होने के बाद बच्चों के विकास, उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं। लेकिन आज भी बहुत से बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल पाता है। बाल दिवस का अर्थ पूर्ण रुप से तब तक सार्थक नहीं हो सकता, जब तक हमारे देश में हर बच्चे को उसके मौलिक बाल अधिकारों की प्राप्ति ना हो जाए। बाल शोषण और बाल मजदूरी का पूरी तरह से खात्मा होना चाहिए। आर्थिक कारणों से कोई बच्चा शिक्षा पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। बाल कल्याण के लिए चल रही सभी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचना चाहिए। बाल दिवस के अवसर पर हम सब को मिलकर बाल अधिकारों के प्रति जागरुकता फैलानी चाहिए। इसी के साथ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालक छात्रावास में एनएसयूआई कार्यकर्ताओ के द्वारा छात्रों को पेंसिल बाटी गई और चाचा नेहरू के बताये गये मार्ग पर चल कर अपने देश का नाम रोशन करने की बात की गई।इस अवसर पर वीरेंद्र पटेल धर्मेंद्र चौहान यशवंत कुशवाहा अभिषेक चौहान केपी कप्तान आदि उपस्थित थे। जानकारी सोशल मीडिया जिला संयोजक विनोद राठौर पोलाय ने दी।
एनएसयूआई ने मनाई नेहरू जी की जन्म जयंती पेंसिल बाट कर
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