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जितने भी मस्जिदें मदरसें वा मज़ार है वो वक़्फ़ बोर्ड में दर्ज करवाएँ नहीं तो आगे नुकसान उठाना पड़ सकता हैं-अंसरुल हसन सिद्दीकी
जो भी मस्जिदें ,दरगाह, कब्रिस्तान इमामबाड़े मदरसे मुसाफिर खाने एवं अन्य वक्फ से संबंधित संपत्ति ,समिति वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है विगत वर्षों में कमेटी द्वारा वक्फ हित में क्या-क्या कार्य किए गये हैं की रिपोर्ट जिला वक़्फ़ कार्यालय में प्रस्तुत करें जिस में मुख्य रूप सेइज़ाफ़ा जायदाद (नव निर्माण) धारा 41 के अंतर्गत दर्ज कराएं यदि दर्ज नहीं किया गया हो तो उसकी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएं इसके अतिरिक्त वक्फ की संपत्ति जिसमें मकान एवं दुकानात है की पट्टा अधिनियम 2014 के तहत किराएदारी की गई हो तो उसकी जानकारी दे वक्फ की वर्तमान स्थिति की एवं आपके स्त्रोत की जानकारी से भी अवगत कराएं। वक्फ संपत्ति को राजस्व अभिलेख भू अभिलेख अहस्तांतरणीय एवं प्रबंधक मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल लाल स्याही से दर्ज कॉलम नंबर 03 में दर्ज कराएं।*
तमाम मस्जिदों, दरगाह, कब्रिस्तान की इंतेजामिया कमेटियों से मेरी दिली गुज़ारिश है की मेहरबानी करके लीज़ पर ली गई भूमि की फ़ौरन लीज़ रिनीयू करवा ले
खसरा, नक्शा, अन्य कागजात में अगर टुटी हो तो तुरंत दुरुस्त कराएं
मस्जिद, नमाजगाह, दरगाह (मजार) कब्रिस्तान या अन्य वक़्फ़ संपत्ति मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दर्ज करा लें, साथ ही इन तमाम सम्पत्तियों का तहसीलदार द्वारा सरकारी सीमांकन भी करा लें।
तमाम मस्जिद नमाजगाह,दरगाह, कब्रिस्तान की कमेटियों से गुजारिश है जल्द से जल्द सभी दस्तावेज मुकम्मल करे, जो भी दिक्कत परेशानी इस प्रक्रिया को करने में आती है तो जिला वक़्फ़ बोर्ड कार्यालय एवं मप्र वक़्फ़ बोर्ड से सम्पर्क करें।
जिन मस्जिदों, दरगाह, कब्रिस्तान मे वक़्फ़ बोर्ड कमेटी का गठन नही हुआ है या जिन कमेटियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद नई कमेटी नही बनी है वह जल्द से जल्द जिला वक़्फ़ कमेटी कार्यालय में सम्पर्क करें।कमेटी का गठन करवाएँ।
