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हज़ारों करोड़ की रीवा छोटी दरगाह वक़्फ़ सम्पत्ति पर विधायक नें किया भूमि पूजन।ज़िला न्यायलय नें दिया स्टे
वक्फ बोर्ड की भूमि पर अवैध अतिक्रमण पर न्यायालय का स्थगन…
मामला रीवा छोटी दरगाह का..
अंसार उल हसन सिद्दीकी भोपाल.. मध्य प्रदेश की सबसे बहुचर्चित वक्फ संपत्ति छोटी दरगाह पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर आज रीवा जिला न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी किया है और आगामी आदेश तक कार्य पर रोक लगा दी है उल्लेखनीय है कि वक्फ बोर्ड की इस संपत्ति पर क्षेत्रीय विधायक और जिला प्रशासन के अधिकारी इस संपत्ति पर भूमि पूजन करके निर्माण करना चाहते थे जिस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए समाजसेवी द्वारा अधिवक्ता देवेश मिश्रा और प्रवेश मिश्रा द्वारा कोर्ट से अपील की गई और वास्तविकता को सामने रखा गया जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेकर स्थगन आदेश जारी किया है. रीवा छोटी दरगाह मामले में जहां पर क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र शुक्ला और जिला प्रशासन रीवा के अधिकारी वहां पर भूमि पूजन करके कार्य कर रहे थे जिसकी सूचना स्वयं क्षेत्रीय विधायक के ट्विटर हैंडल में मौजूद था और स्थानीय समाचार पत्रों में यह खबर लगी हुई थी इस मामले पर जनहित में वक्फ मामलों के प्रसिद्ध समाजसेवी नबीउल्लाह द्वारा आपत्ति व्यक्त कर कोर्ट का द्वार खटखटाया गया नबीउल्लाह द्वारा जिला रीवा के सीनियर एडवोकेट देवेश मिश्रा और उनके सुपुत्र प्रवेश मिश्रा ने अपनी दलील में अष्टम जिला न्यायधीश आसिफ अब्दुल्लाह की कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा की खसरा नंबर 384 /1 जोकि 21 520 फिट वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और इसको वक्फ बोर्ड में इंद्राज होने के साथ-साथ मध्य प्रदेश वक्फ अभिकरण न्यायालय ने इसके पक्ष में फैसला सुनाया है और इस संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति माना है इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता इसके बावजूद दबंग लोग अपने बल प्रबल से अनाधिकृत रूप से जिला प्रशासन के सहयोग से जिला प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण कर रहे हैं अधिवक्ता देवेश मिश्रा ने समस्त दस्तावेजों को एक-एक करके दिखाया और रीवा छोटी दरगाह के इतिहास का पक्ष भी रखा जिसको कोर्ट ने गंभीरता से रुख अपनाते हुए तत्काल स्थगन आदेश जारी किया है उल्लेखनीय है कि रीवा में मौजूद छोटी दरगाह वक्फ बोर्ड की संपत्ति है जो हजारों करो रुपए की है जिस पर माफियाओं की नजर है और वक्फ बोर्ड इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है जबकि मध्य प्रदेश वक्फ अभिकरण इस पर वर्षों पूर्व फैसला दे चुका है मगर इसमें मौजूद अवैध रूप से संचालित शासकीय संस्थान अपना कब्जा नहीं हटा रहे हैं और राजनीतिक दबाव में कोर्ट की अवहेलना कर रहे हैं…… .
छोटी दरगाह प्रबंधन कमेटी की संदिग्ध भूमिका.. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा गठित छोटी दरगाह कमेटी जिसकी जिम्मेदारी उसकी संपत्ति की निगरानी करना था वह कमेटी ना सिर्फ खामोश है बल्कि अतिक्रमण करने वाले गिरोह के साथ खड़ी है प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से और मौन स्वीकृति से वक्फ छोटी दरगाह की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और उसमें वे लोग भी शामिल है जो 50 बस के मालिक है और वह कभी कांग्रेसी पाले में थे और कमेटी बनवाने के लिए कांग्रेसी मंत्री के इर्द-गिर्द घूमते थे मगर आप पाला बदलकर भाजपा विधायक के साथ अतिक्रमण करवा रहे हैं जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है
