*सत्र 2020-21 की लम्बित आवास योजना व छात्रवृत्ति की राशि का अविलंब भुगतान कराए जाने व सत्र 2021-22 के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू किए जाने एवं समस्त पात्र छात्रों को नि:शुल्क स्टेशनरी व नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें वितरित कराए जाने की मांग पर तहसीलदार मोहदया दिया ज्ञापन*
ज्ञापन देते हुए छात्र संघर्ष समिति के विजय मालवीय ने बताया कि महाविद्यालयों में यह सत्र समाप्ति की ओर है । अगले महीने से परीक्षायें आयोजित होनी हैं। लगभग इस महीने से ही परीक्षा फार्म भराने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी जिसमे छात्रों को परीक्षा शुल्क के साथ ही पूरा प्रवेश शुल्क जमा करना होता है। लेकिन जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्र जो छात्रवृत्ति की राशि से ही अपना परीक्षा शुल्क व प्रवेश का भुगतान करते थे जो कि सरकार का ही नियम है। लेकिन यह सत्र समापन की ओर है जबकि अभी तक छात्रों को छात्रवृत्ति फॉर्म भरने के लिए ऑनलाइन पोर्टल ही शुरू नहीं किया गया है। तब कैसे छात्र समय रहते छात्रवृति के लिए आवेदन कर पायेगा और सरकार समय पर छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान कर देगी इसमे बड़ा संदेह है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी शहर में रहकर उच्च शिक्षा पा सकें इसके लिए सरकार छात्रों के हित स्वरूप छात्र आवास योजना चलाती तो है लेकिन जिसका भुगतान कभी भी समय पर नहीं हो पा रहा है। पिछले सत्र 2020-21 के अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकांश छात्रों को अभी तक आवास योजना की राशि का भुगतान नहीं किया है जबकि यह सत्र भी समापन की ओर है। पिछले बर्ष ही कई सैकड़ा छात्र आवास की राशि न मिलने पर पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हुए थे क्योंकि सरकार भले ही राशि का भुगतान समय से न करे लेकिन मकान मालिक तो समय पर छात्रों से किराए की वसूली करता है । इस वर्ष तो छात्र आवास योजना के लिए आवेदन ही नहीं कर पाए हैं क्योंकि सरकार के द्वारा ऑनलाइन पोर्टल ही शुरू नहीं किया गया है। इस से सरकार की मनसा साफ दिखाई दे रहे हैं की आने वाले समय में सरकार ना तो छात्रों छात्रवृत्ति और ना आवास योजना देने की मनसा रखती है ।
अब छात्र जैसे तैसे अपना परीक्षा फॉर्म भर भी लेता है लेकिन परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए, पढ़ने के लिए उसके पास जो नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें होना चाहिए, जो स्टेशनरी होना चाहिए वह नहीं है। पूरा सत्र में निकलने वाला है लेकिन अभी तक छात्रों को निःशुल्क स्टेशनरी व नए पाठ्यक्रम की पुस्तकों का वितरण नहीं किया गया । छात्र महाविद्यालय में पुस्तकों के बिना ही कक्षाओं में पढ़ने और शिक्षक भी पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर छात्रों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। हमारे राज्य की सरकार ने आनन-फानन में देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति 2020 के प्रारूप को तो लागू कर दिया लेकिन जो नया पाठ्यक्रम लागू किया है उसकी किताबें महाविद्यालय के पास कैसे पहुंचेंगी, छात्र कैसे पढ़ाई कर पाएंगे इसकी कोई चिंता नहीं है। पिछले 2 वर्ष से निःशुल्क स्टेशनरी जो अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को मिलती थी, शासन की तरफ से भेजी ही नहीं गई है।
नई शिक्षा नीति में हर जगह लाइब्रेरी बनाने की बात कही जा रही है लेकिन यहां कॉलेज में छात्रों के पास किताबें ही नहीं है ।
सरकार शिक्षा बजट में लगातार कटौती करती जा रही हैं तो कैसे सभी छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल पाएगी ज्ञापन देते समय ,अर्जुनसिंह, संजय पालीवाल ,दुर्गेश दरबार,प्रफुल पाटीदार, सुनील सोलंकी,रूद्र राजावत, अखिलेश क्लेशरिया, शैलेंद्र मंडला ,विकास, रोहित,अर्जुन ,मोहित ,गौरव, शुभम अखिलेश , अंकित कटारिया ,अब्दुल पाकिर आदि छात्र शामिल रहे।
छात्र संघर्ष समिति छात्र हित में मांग करती है हैं कि-
1). सत्र 2020-21 के छात्रों की लंबित आवास योजना,छात्रवृत्ति की राशि का अविलंब भुगतान कराया जाए।
2). इस सत्र 2021-22 के छात्रों के लिए ऑनलाइन पर छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू कराया जाए।
3) समस्त छात्रों को निशुल्क स्टेशनरी व नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू किए जाने एवं समस्त पात्र छात्रों को नि:शुल्क स्टेशनरी व नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें वितरित कराए जाने की मांग पर बागली तहसीलदार को दिया ज्ञापन
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