ग्राम घटियाग्यासुर के सरपंच की मनमानी के खिलाफ ग्रामवासियों ने दिया ज्ञापन
पंचों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
देवास- ग्राम घटियाग्यासुर के सरपंच पर ग्राम पंचों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत में 5 वर्षो से ग्राम पंचों की बैठक नहीं हुई है तथा ग्राम पंचायत ग्राम सरपंच पंचों का मानदेय खा गई एवं सरपंच व सचिव अपने मन से ठहराव प्रस्ताव पारित कर लेते है तथा ठहराव प्रस्ताव में पंचों की फर्जी साईन कर प्रस्ताव पारित करते हैं। ग्राम पंचायत मनरेगा योजना के तहत 10 लाख रू के वृक्षारोपण की टीएस बनाई गई लेकिन मौके पर 10 वृक्ष भ्ज्ञी नहीं लगाए गए। उक्त टीएस के रूपये सरपंच व सचिव आपस में मिलकर खा गए। सरपंच ने पद पर रहे हुए पद का दुरूपयोग कर स्वयं के नाम से खेत एवं तालाब के पैसे निकाले जबकि हकीकत में तालाब मौजूद नहीं है। सरपंच सचिव द्वारा अवैध रूप से मस्टर भरे गए है। जिन लोगों के मस्टर भरे गए उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तथा उनके फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण इनके द्वारा कर लिया गया है। हनुमान मंदिर बनेसिंह गुड्डू के मकान तक 2015 में सी सी रोड का ठहराव प्रस्ताव हुआ था लेकिन वहां पर आज तक रोड नहीं बना । सरपंच ने गांव में सीसी रोड के पैसे से निजी रोड बनवा लिया। मनेरेगा से सरपंच में अपने खेत तक का सड़क निर्माण कराया जबकि पंचायत का दूसरा गांव मुरादपुर कटा पडा है और वहां के लोगों को कीचड़ में आना जाना पड़ता है। वर्तमान में श्मशान घाट का सीसी रोड का निर्माण हो रहा है जिसमें पीली मिट्टी तथा कच्ची रेत का उपयोग किया जा रहा है। इसके पूर्व मे जो सीसी रोड का निर्माण हुआ था वह भी खराब हो चुका है। इस भ्रष्टाचार में इंजीनियर, सरपंच, सचिव तथा सहायक सचिव मिले हुए है और पंचों ने इंजीनियर व सचिव से इस बात शिकायत की तो उन्होंने कहा कि आपको जहां शिकायत करना है कर दो। शासकीय योजना के पेसे से स्कूल भवन में किचन सेट बना व पेवर ब्लाक लगे जिस पर सरपंच ने अपने पिता की स्मृति में नाम लिखवाया व पंचायत के उपसरपंच का नाम तक नहीं लिखवाया। शासकीय हाईस्कूल घटियाग्यासुर के पास आंगनवाडी भवन है उसके पास घूड़ा पड़ा हुआ है जिससे कि प्रदूषण हो रहा है तथा बच्चे बीमार हो रहे है उसे वहां से तुरंत हटाया जाए। भादर पिता शंकरसिंह के नाम से खेत तालाब की टीएस 2,38,000 रूपये बनी थी। सरपंच और सचिव ने 20 हजार रूपये की मांग की थी और सचिव को रूपये नहीं देने पर उसने टीएस डिलिट कर दी और मंत्री को 10 हजार रूप्ये दिये थे और सरपंच की मांग 10 हजार रूपये की थी जो सरपंच को नहीं मिले तो उसने काम बंद करवा दिया। कांताबाई पति बाबूलाल के नाम से खेत तालाब की टीएस 1 लाख 72 हजार रूपये बनी थी। सरपंच और सचिव ने उसमें भी 20 हजार रूपये की मांग की थी और सरपंच और सचिव को रूपये नहीं मिलने पर कुछ राशि निकालकर उसे डिलिट कर दिया गया। ग्रामीणों एवं पंचों ने मांग की है कि इस भ्रष्टाचार की जांच की जाए तथा पंचों का मानदेय दिलवाया जाए एवं दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाए। उपसरपंच गगनसिंह पटेल, पंच हीरालाल चौधरी, पंच विक्रमसिंह, पंच लीलाबाई , पंच अनोखी मालवीय, पंच कलाबाई, पंच छमाबाई एवं ग्रामीण मनोहरसिंह, प्रेमसिंह, सुरेन्द्रसिंह, हुकमदास, सौबालसिंह, बाबूलाल, बनेसिंह गुड्डू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित
