वैश्य कुलगुरु श्री शांताश्रम मठाधिपती परम पूज्य श्री श्री वामनाश्रम स्वामीजीं की शांकर एकात्मता पदयात्रा बुधवार दिनांक 05/10/2022 विजयादशमी के शुभ अवसर पर आरंभ होकर रविवार दिनांक 23/04/2023 अक्षयतृतीया इस शुभ दिनपर काशी में पूर्ण होगी । इतिहास में जैसा उल्लेख बताया है कि वैश्य गुरुपरंपरा करीब ७०० साल पहले जगद्गुरु श्री आदि शंकराचार्यजी के शिष्यों के काल में महापुण्य क्षेत्र काशी में प्रारंभ हुई थी ।
श्रीगुरु परम पूज्य श्री श्री वामनाश्रम स्वामीजी ने संपूर्ण वैश्य समाज का गतपूर्व वैभव वापिस लाने के उद्देश से महापुण्य क्षेत्र काशी में मूल वैश्य गुरुमठ पुनर्निर्माण का महासंकल्प किया है । काशी में मूल वैश्य गुरुमठ पुनर्निर्माण करना ही इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश है ।
केरल से काशी की और जा रही पदयात्रा रविवार को मध्यप्रदेश के देवास में पहुँची। रात लगभग 8 बजे स्वामी जी भक्तों के साथ जब सयाजी द्वार के सामने से निकले तो माहौल भक्तिमय हो गया।मीडिया से चर्चा करते हुए स्वामी श्री श्री वामनाश्रम
ने बताया कि पदयात्रा बुधवार दिनांक 05/10/2022 विजयादशमी के शुभ अवसर पर आरंभ होकर रविवार दिनांक 23/04/2023 अक्षयतृतीया इस शुभ दिनपर काशी में पूर्ण होगी।
श्री श्री वामनाश्रम स्वामीजी ने बताया कि यात्रा इंदौर से होते हुए देवास पहुँची है।देवास पहुँचकर काफी अच्छा लगा यहाँ काफी स्वच्छता है।देवास काफी सुंदर भी है।
