देवास वृद्धाश्रम में पिछले 10 वर्षो से रह रही जमीला बी उम्र 78 वर्ष निवासी ग्राम हतोद जिला इंदौर का मंगलवार रात को वृद्धाश्रम में इंतकाल हो गया।
वृद्धा आश्रम के मैनेजर दिनेश चौधरी द्वारा मुस्लिम रीति-रिवाजों के साथ देवास के कर्मचारी कॉलोनी कब्रिस्तान में दफन किया गया।
जमीला बी पिछले 10 वर्षों से वृद्ध आश्रम में निवास कर रही थी
जमीला बी के पति का देहांत कई वर्षों पूर्व हो चुका था जमीला भी का कोई लड़का नहीं था वा सिर्फ एक लड़की थी जो इंदौर में रहती थी और वह आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं थी की जमीला बी का भरण पोषण कर सकें।
इसी के चलते जमीला बी वृद्धा आश्रम में निवास कर रही थी।पिछले 10 वर्षों से वृद्ध आश्रम के मैनेजर दिनेश चौधरी उन्हें एक मां के रूप में वृद्ध आश्रम में रख रहे थे।
जमीला बी प्यार से उन्हें यह भी कहती थी कि दिनेश तू पिछले जन्म में मेरा पुत्र रहा होगा। जमीला बी के देहांत के बाद वृद्ध आश्रम के अन्य वृद्धजनों के बीच काफी गम का माहौल है
क्योंकि पिछले 10 वर्षों से जमीला बी अन्य वृद्ध जनों के साथ मिलकर एक पारिवारिक सदस्य की तरह जीवन व्यतीत कर रही थी।वृद्धा आश्रम के बुजुर्गों ने जमीला बी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
पिछले 10 दिनों से जमीला बी की तबीयत काफी खराब थी,जमीला बी के कहने पर दिनेश चौधरी उनके लिए हिंदी में लिखा हुआ कुरान लेकर आए और उनके अंतिम समय में उन्हें कुरान पढ़ कर सुनाया।
देवास वृद्ध आश्रम में जमीला बी और दिनेश चौधरी के बीच मां और बेटे का यह रिश्ता भारत की गंगा जमुनी तहजीब को मजबूती के साथ प्रस्तुत करता है।
समाजसेवी हारिश गजधर जो कि कई वर्षों से वृद्ध आश्रम के बुजुर्गों के साथ किसी भी अवसर पर खुशियां बांटने की कोशिश करते हैं, बताते हैं कि जब भी वह वृद्ध आश्रम जाया करते थे तो जमीला बी सर पर हाथ रखकर अन्य वृद्धजनों की तरह उन्हें काफी दुआएं देती थी।
वृद्ध आश्रम के मैनेजर दिनेश चौधरी के बारे में बताते हुए हारिश गजधर कहते हैं कि दिनेश चौधरी प्रत्येक वृद्ध का एक बेटे की तरह ख्याल रखते हैं और जमीला भी की भी उन्होंने काफी सेवा की है।
जमीला बी के अंतिम संस्कार में वृद्ध आश्रम के मैनेजर दिनेश चौधरी, समाजसेवी हारिश गजधर एवं अन्य समाज जन मौजूद रहे तथा उन्हें मुस्लिम रीति-रिवाजों के साथ सुपर्दे ख़ाक किया गया। 
