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श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई की देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में ट्रेड यूनियन काऊंसिल देवास द्वारा वाहन रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

ByM. Farid

Jul 10, 2025

सिटी ट्रेड यूनियन काऊंसिल , देवास (म.प्र.)

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सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण व कर्मचारी, श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई की देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में आज ट्रेड यूनियन काऊंसिल, देवास द्वारा वाहन रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

 

 

10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संगठनों द्वारा सरकार की तमाम मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में सिटी ट्रेड यूनियन काऊंसिल , देवास द्वारा आज एक वाहन रैली निकाली गई वाहन रैली स्थानीय एल आई सी कार्यालय देवास से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बैंक ऑफ़ इंडिया, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, होते हुए कलेक्टरेट कार्यालय पहुँची जहां जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा गया ज्ञापन का वाचन सिटी ट्रेड यूनियन काऊंसिल देवास के संयोजक मोहन जोशी ने किया | ए.आई.यू.टी.यू.सी.से जिला सचिव राजुल श्रीवास्तव, ए आई टी यू सी से कैलाश राजपूत, ऑल इंडिया इन्श्योरेन्स पेंशनर एसोसिएशन से मोहन जोशी, ऑल इंडिया इन्श्योरेन्स एम्प्लाईज एसोसिएशन के देवास के अध्यक्ष मोरसिंह राजपूत, बैंक यूनियन से आशुतोष रावत, आयुष तिवारी, इंटक से शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज रजानी, शेषमणि पांडे, लाखन सिंह, महेश राजपूत ने सम्बोधित किया |वक्ताओं ने कहा कि यह आम हड़ताल एक ऐसे समय पर बुलाई गई है, जब सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते खाने पीने की वस्तुओं सहित तमाम उत्पादों और सेवाओं में महंगाई भयंकर रूप से बढ़ रही है,और भयावह बेरोजगारी से देश की आम जनता त्रस्त है। हम छात्रों और युवाओं की ओर से इस हड़ताल को समर्थन देते हैं और सरकार से मांग ,करते हैं कि वह श्रमिकों व कर्मचारियों की तमाम मांगों को बिना शर्त शीघ्र पूरी करे व महंगाई, बेरोजगारी पर रोक लगाएं और सस्ती शिक्षा दे। खाने-पीने की आवश्यक वस्तुएं- दवाएं, बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस को महंगे से महंगा कर दिया गया है ।आम जनता को बहुत हद तक सस्ती सेवाएं व रोजगार देने वाले तमाम सार्वजनिक उपक्रमों जैसे रेल्वे, बैंक, बीमा, भेल, गेल, आयुध कारखाने, बीपीसीएल आदि के निजीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया। मजदूरों के अथक संघर्ष से हासिल 44 श्रम कानूनों को मालिकों के पक्ष में चार संहिता के रुप में लागू कर दिया गया है। जिनके तहत मजदूरों के 8 घंटे काम के अधिकार को 12 घंटे कर दिया गया, उनको यूनियन बनाने, हड़ताल करने अपनी हक की बात कहने का अधिकार लगभग खत्म कर दिए गया है। पूंजीपतियों के हित में सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा जिसके कारण कर्मचारियों में भारी रोष है| वाहन रैली में भंडारी फाइल्स आजाद मजदूर यूनियन से महासचिव सुरेश चौधरी, अनोखीलाल परमार, राजेंद्र मुकाती इंटक से साधना प्रजापति,बैंक यूनियन से जय शर्मा, जे पी शर्मा शारदा व्यास, अंकिता, वर्षा सोलंकी,जीवन बीमा से जानकीलाल मोदी, अमित सांगते, मोहन जेठीवाल,विद्या डूमरे आदि सहित सैकड़ो की संख्या में मजदूर कर्मचारी शामिल हुए,। कलेक्टर को ज्ञापन देते समय इंटक की ओर से पूर्व महापौर जय सिंह ठाकुर ने भी संबोधित किया।

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