• Fri. Mar 6th, 2026

Vaqif Khabar

खण्डवा जिले में 8 वीं कक्षा में पढ़ रही छात्रा के साथ हुई बलात्कार की घटना को लेकर AIDSO ने सरकारी स्कूलों की दुर्दशा पर जताई चिंता

ByM. Farid

Jul 21, 2025

कक्षा 8 की छात्रा अत्याचार की शिकार _ स्कूलों में टॉयलेट नहीं, अव्यवस्थाओं की भरमार, नशे के बाढ़ के चलते बढ़ता असुरक्षा का माहौल चिंतनीय-AIDSO

 

प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में लगातार बढ़ रही असुरक्षा पर रोक लगाने, खण्डवा जिले में 8 वीं कक्षा की मासूम बलात्कार पीड़िता के दोषी पर दंडात्मक कार्यवाही करने, प्रदेश के सरकारी स्कूलों की मूलभूत कमियों को दूर करने की मांग छात्र संगठन एआईडीएसओ ने की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह पंवार ने बयान जारी कर कहा – खण्डवा जिले में माध्यमिक विधालय के 8 वीं कक्षा में पढ़ रही छात्रा के साथ हुई बलात्कार की घटना हम सभी को स्तब्ध कर, वेदना और गहरे रोष से भर देने वाली है! संबंधित स्कूल में जर्जर शौचालय की टूटी हुई छत और दीवारों के कारण छात्रायें स्कूल के बाहर खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। और इसी असुरक्षा के परिणाम हैं कि आज ये घटना हमारे सामने हैं। यदि हमारी बच्चियां स्कूल तक में सुरक्षित नहीं होंगी तो परिजन कैसे अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेज पाएंगे। भोपाल के ही पी एम श्री कॉलेज की छत से प्लास्टर बच्चों के सिर पर गिर गया और दो छात्राएं और शिक्षिका घायल हो गई हैं। प्रदेश के अधिकांश सरकारी स्कूलों का यही हाल है। थोड़ी जाँच पड़ताल से हम जान सकते हैं कि इन घटना ने खण्डवा जिले सहित राज्य के स्कूलों के बदहाल हालातों और छात्राओं के लिए असुरक्षा से भरे माहौल की असली तस्वीर हमारे सामने रख दी है। बेहद चिंतनीय है कि प्रदेश में बच्चियों और महिलाओं के लिए भयावह रूप से असुरक्षित हो रहे माहौल को बढ़ाने और 90% आपराधिक घटनाओं के जिम्मेदार, शराब -नशे (NCRB की पुष्टि के बावज़ूद) खपत बढ़ाने के इन्तेजाम तेज किए जा रहे हैं और चरित्र निर्माण के मुख्य विकल्प स्कूलों को तेजी से बंद किया जा रहा है। घोर असुरक्षा के ऐसे माहौल में जनविरोधी नीतियों से ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ के नारे’ के उलट बेटियों के बचने और पढ़ पाने पर संकट बढ़ा है। प्रदेश सरकार द्वारा लागू NEP 2020 के तहत “शिक्षा की गारंटी” के साथ “100% नामांकन” लगातार खोखले दावे साबित हो रहे हैं । सरकारी स्कूल- कॉलेज और यूनिवर्सिटियों में जर्जर हो रहे भवनों को दुरुस्त करने, पुस्तकालय की उचित व्यवस्था, शौचालयों और पेयजल व्यवस्था, पर्याप्त संख्या में शिक्षकों व स्टाफ की स्थायी भर्ती आदि मूलभूत इंतजाम सरकारी शिक्षा को बेहतर करने के लिए बेहद ज़रूरी काम हैं। प्रदेश सरकार स्कूलों की इन्हीं मूल समस्याओं को दूर करने के बजाय इन्हीं कमियों को बहाना बनाकर 94000 सरकारी स्कूल बन्द करने की घोषणा कर चुकी है। अभी तक राज्य में 35 हज़ार से ज़्यादा स्कूल बन्द किए जा चुके हैं। सरकार की एक के बाद एक लागू मुनाफा आधारित शिक्षा विरोधी नीतियों के नतीजतन सरकारी शिक्षा के बदहाल हालात ही छात्रों के साथ अपराधों को बढ़ाने, उनके पढ़ाई छोड़ने और छात्रों की कम संख्या के मूल कारण हैं। इसके खिलाफ व्यापक छात्र आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है। छात्र संगठन AIDSO खण्डवा की छात्रा के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए घटना के दोषी को कड़ी सज़ा देने और छात्राओं -महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों मे आधारभूत ढांचे को दुरुस्त करने की माँग के साथ व्यापक छात्र आंदोलन संगठित करने का आह्वान करता है।

200

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *