देवास 25/08/2025
SIR फॉर्म में सगे संबंधियों को लेकर बन रही भ्रम की स्थिति दूर करने हेतु कांग्रेसी नेता ने दिया कलेक्टर को आवेदन।
इस समय समूचे प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत 18 वर्ष से अधिक की उम्र के मतदाताओं के फॉर्म भरे जा रहे है। चुनाव आयोग द्वारा जो फॉर्म मतदाताओं को भरने के लिए दिया जा रहा है। उसमें 2025 की जानकारी के साथ साथ 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी भी मांगी गई है जिसमें मतदाता का स्वयं का नाम अथवा माता,पिता,दादा,दादी में से किसी एक का नाम की भी जानकारी मांगी गई है।ऐसे कई मतदाता है जिनका स्वयं का अथवा माता पिता या दादा दादी का नाम तो मौजूद नहीं है लेकिन काका अथवा बुआ का नाम लिस्ट में है ऐसे में मतदाता SIR फॉर्म में 2003 के कॉलम में काका अथवा बुआ की जानकारी भर रहे है लेकिन BLO ऐसे फॉर्म लेने से मना कर रहे है। इसी असंजस की स्तिथि को दूर करने के लिए कांग्रेसी नेता अय्यूब भारती ने देवास कलेक्टर कार्यालय में चल रही जनसुनवाई में एक आवेदन देकर इस समस्या का अविलंब निराकरण करने का निवेदन किया। जहां विभाग द्वारा उक्त आवेदन उचित दिशा निर्देश के लिए लेकर चुनाव आयोग की और फॉरवर्ड करने को कहा गया है।
क्यों बन रही है भ्रम की स्तिथि
दरअसल SIR फॉर्म को अगर गौर से अध्ययन करें तो इसमें 2003 के कॉलम में मांगी गई जानकारियों में रिश्तेदार और रिश्ता जैसे शब्द लिखे है जबकि 2025 के कॉलम में स्पष्ट माता और पिता जैसे शब्दों को उल्लेखित किया गया है। आम मतदाताओं का ये कहना है की “रिश्तेदार” और “रिश्ता” जैसे शब्द इसीलिए लिखे गए है ताकि अन्य सगे संबंधियों का भी हवाला उक्त फॉर्म में दिया जा सके।
