देवास जिले में बाल विवाह करने पर होगी कार्यवाही
बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 तथा संबधित परियोजना कार्यालयों में दे
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देवास 13 नवम्बर 2021/ देवास जिले में कलेक्टर श्री चन्द्रमौली शुक्ला के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास, पुलिस एवं अन्य सहयोगी विभागों के द्वारा बाल विवाह की रोकथाम हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं | देवास जिला प्रशासन की विवाह कार्यक्रमों में सेवायें देने वाले सभी सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि वे “किसी भी विवाह कार्यक्रम में सेवा प्रदान करने से पूर्व विवाह बंधन में बंधने वाले युवक-युवती की आयु के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही विवाह में सेवाएँ दें” व प्रशासन को बाल विवाह रोकथाम की इस मुहिम में सक्रिय योगदान देवें |
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेलम बघेल द्वारा नागरिकों से अनुरोध किया है कि ऐसे किसी भी विवाह कार्यक्रम में शामिल न हों जिनमें वधु 18 वर्ष से कम और वर 21 वर्ष से कम आयु का हो, अन्यथा उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही हो सकती है| बाल विवाह सूचना प्राप्त होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, वन स्टॉप सेंटर दूरभाष क्र. 07272-250126, बाल कल्याण समिति देवास दूरभाष क्र. 07272258081 महिला एवं बाल विकास देवास दूरभाष क्र. 07272-250117 तथा संबधित परियोजना कार्यालयों में भी संपर्क किया जा सकता है|
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेलम बघेल ने बताया कि सभी को विदित है कि विवाहों का समय प्रारंभ हो रहा है | प्रदेश में उठनी ग्यारस से शुरू होकर जून माह तक विशेषत: विभिन्न जाति एवं वर्गों में विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है | ऐसे में यद्यपि शासन स्तर से, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य सहयोगी विभागों से समन्वय कर प्रति वर्ष व्यापक रणनीति तैयार कर यह प्रयास किया जाता है कि बाल विवाह की पूरी तरह से रोकथाम हो सके| हम सभी अवगत है, कि बाल विवाह के व्यापक दुष्परिणाम हैं, जो कि व्यक्ति के जीवन को गंभीरता से प्रभावित करते हैं | बाल विवाह बालक/बालिका की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर, निर्णय लेने का अधिकार आदि सभी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है |
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अनुसार कोई भी बालिका जिसकी आयु 18 वर्ष से कम एवं बालक जिसकी उम्र 21 वर्ष से कम है, का विवाह, बाल विवाह कहलायेगा| उक्त अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, बाल विवाह किये जाने पर बच्चों के माता-पिता, विवाह में शामिल होने वाले रिश्तेदार, सेवा प्रदाता जैसे प्रिंटिंग प्रेस, बैंड वाले, हलवाई, गार्डन /धर्मशाला मालिक, घोड़ी वाले आदि सभी को भी बाल विवाह में सहयोगी मान कर, आरोपी माना जायेगाU, ऐसे विवाह(बाल विवाह) में इस प्रकार से सहयोग किया जाने पर 2 वर्ष का कारावास एवं 1 लाख रूपये का जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है|
