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बिहार उत्तर प्रदेश में रेलवे NTPC भर्ती में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलनरत नौजवानों पर बर्बर पुलिस कार्यवाही के ख़िलाफ़-मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लायमेंट द्वारा कलेक्टर कार्यालय देवास में विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौपा

ByM. Farid

Jan 28, 2022

बिहार उत्तर प्रदेश में रेलवे NTPC भर्ती में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलनरत नौजवानों पर बर्बर पुलिस कार्यवाही की कड़ी निंदा की- मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लायमेंट

*कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौपा।*

Movement Against Unemployment देवास ने बिहार उ. प्र. में रेलवे भर्ती परीक्षा NTPC में रेलवे बोर्ड की मनमानी के खिलाफ आंदों पर बर्बर पुलिस कार्यवाही की कड़ी निंदा की है तथा आदोलनरत नोजवानों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की है। पहले शान्तिपूर्वक आंदोलनकारी मांग करते रहे लेकिन सरकार कोई कार्यवाही नहीं की जिससे युवा रेलवे लाईन पर आने को मजबूर हुए। जिस तरह से देश के युवाओं के साथ पुलिस बल का प्रयोग किया गया, उनको हास्टल कमरे में घुस कर पुलिस ने मारा है पुलिस ने पत्थर मारा है यहां तक की गोली भी चलाई है। यह दिखाता है कि कारपोरेट घराने की मदद से चलने वाली सरकार के लिए सिर्फ वोट के समय याद आते हैं। संगठन ने साथ ही साथ आंदोलनरत युवाओं से अपील की है कि वे शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करें और सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर सके। देर शाम सरकार बेरोजगार युवाओं की मांग मानने को मजबूर हुई है और आंदोलनरत युवाओं की जीत हुई है। लेकिन यह मांग अधूरी है जब तक सभी मांग नहीं मान ली जाती तब तक युवा चूप नहीं बैठेगें।

Movement Against Unemployment स्टेट कोर कमेटी सदस्य प्रशांत यादव और विनोद प्रजापति कहा है कि देश का युवा बढ़ती बेरोजगारी से परेशान है लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। सरकारी विभागों में नौकरी करोना की आड़ में नहीं दी जा रही है। रेलवे जो एक समय सबसे ज्यादा 23 लाख नौकरी देने वाली अकेली संस्था थी उसे बेचने पर सरकार आमादा है और अब मात्र 12 लाख के करीब पद रह गये है। नौकरी का वादा करके सत्ता में जो भी सरकारे आती है वही पुलिस से युवा को पिटवाती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में युवाओं को डराने के लिए कि जो भी आंदोलन करेगा उसे चिन्हित करके नोकरी नहीं दी जायेगी का फरमान जारी किया जाता है लेकिन परीक्षा में देरी, रिजल्ट में देरी हो या फिर ज्वाइंग में देरी हो इस पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जाती है। ग्रुप डी की नौकरी के लिए एक और परीक्षा के लिए कहा गया है जिसे युवा ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

संगठन के नेताओं ने सरकार से मांग की है कि रेलवे मंत्रालय इस पर फौरन कमेटी की आगे की कार्यवाही को सुनिश्चत करे और बेरोजगार युवा के साथ न्याय करे। हम इसके साथ ये भी मांग करते हैं कि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे और भविष्य में निश्चित करें कि इस तरह के न्यायपूर्ण मांग पर पुलिस हस्तक्षेप नहीं करें।
ज्ञापन देने में संजयसिंह राजपूत, सचिन धाकड़, निर्मल कश्यप, रितेश डोडवे व अन्य युवा साथी शामिल रहें।

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