शेख अलीम प्रदेश अध्यक्ष म.प्र. कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग एवं महेन्द्र सिंह वोहरा प्रभारी अल्पसंख्यक विभाग के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डलो के साथ दिल्ली में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमेन इकबाल सिंह लालपुरा जी से खरगोन शहर के रामनवमी के जुलुस के दिन हुए उपद्रव एवं उसके पश्चात जिला प्रशासन द्वारा की जा रही एकतरफा कार्यवाही के संबंध में ज्ञापन सौपा गया ।
इसके पष्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगड़ी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं एम.एल.ए श्री के.राजु जी से मुलाकात कर प्रतिनिधि मण्डलो के साथ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक कार्यालय में खरगोन के संबंध में जानकारी से अवगत कराया गया एवं चर्चा की ।
इन्दौर/26 अप्रैल 2022,
मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में अराजकता फैला रही है जिस तरह से खरगोन शहर में विगत कई वर्षो से रामनवमी के पर्व पर जुलुस निकाला जा रहा है लेकिन विगत वर्षोे से रामनवमी को जो जुलुस निकाला जाता था उसमें केवल एक मोहल्ला पहाड़सिंहपुरा के निवासीगण ही सम्मिलित होते थे किन्तु इस वर्ष रामनवमी का जुलुस बड़े पैमाने पर निकाला गया जिसमें पुरे शहर के लोगों को बुलाया गया और पुरे खरगोन शहर में डी.जे. लगाए गए तथा लगभग 50 स्थानों पर चाय नाश्ते के स्टाल भी लगाए गए। इन सभी तैयारियों के साथ जुलुस निकाला गया । जुलूस निकालने के एवं डी.जे. लगाने की अनुमति जिला प्रशासन के द्वारा दी गई लेकिन जुलूस में कानुन व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिला प्रशसन द्वारा ना तो शांति समिति की बैठक आयोजित की और ना ही कानुन व्यवस्था को संभालने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल की कोई व्यवस्था की गई इतने बड़े पैमाने पर जुलूस निकाला जाना था जिसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा कानून व्यवस्था के लिए कोई तैयारी नहीं की गई जिसकी सजा आज खरगोन शहर को भुगतना पड़ी । खरगोन शहर में जब इतने बड़े पैमाने पर जुलूस निकाला जाना था और जिला प्रशासन ने उसकी अनुमति दी थी तो फिर पुलिस व्यवस्था क्यों नहीं की गई जब भी बड़े पैमाने पर इस प्रकार से कोई कार्यक्रम जुलूस इत्यादि निकाला जाता है तो ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाती है । पुलिस ने ऐसा क्यों नहीं किया ? यदि ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई तो उसकी फुटेज निकाली जाये और उसकी जांच की जाये ।
जुलुस के दौरान मुख्य विविद उच्च पुलिस अधिकारियों के समक्ष हुआ है । जुलूस में सम्मिलित बहुसंख्यक वर्गो के द्वारा भी यह बयान दिया गया है कि मुख्य विवाद पुलिस और जुलूस के आयोजकों के मध्य हुआ था जुलुस में आयोजक एवं पुलिस दोनो ही अपनी हठधर्मिता पर अड़े हुए थे जिसके कारण जुलूस में सम्मिलित युवा वर्ग उत्तेजित हो गये और पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की करने लगे जिस पर पुलिस के द्वारा बहुसंख्यक वर्ग पर लाठी चार्ज किया गया जिसके फलस्वरूप् जुलूस में शामिल लोगो ने पुलिस पर पथराव किया । जिसकी सत्यता की जांच हेतु तालाब चैक पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से की जा सकती है । यह विवाद पूर्ण रूप से जुलूस के लोगों और पुलिस के मध्य उत्पन्न हुआ था जिसका मुस्लिम समुदाय से कोई लेना देना नहीं था । रामनवमी का पहाडसिंहपुरा का जुलूस जो कि प्रतिवर्ष निकाला जाता था वह जुलुस अपने नियत समय पर तालाब चैक से आगे पुराने पुल की ओर निकल गया उसके पशचात दूसरे जुलूस की अनुमति तालाब चैक से 2 बजे निकलने की दी गई थी दुसरा जुलूस तालाब चैक अपने निर्धारित समय 2 बजे निकलने वाला था जो कि आयोजको की लापरवाही के चलते 5 बजे तक भी नहीं निकाला गया और आयोजकों ने अपनी हठधर्मिता के चलते 5 बजे तक मस्जिद के सामने जुलूस को रोका रखा और डीजे बजाते रहे यह बात बहुसंख्यक वर्ग के बुद्धिजीवी और शांति समिति के सदस्य मनोज रघुवंषी के द्वारा अपने इंटरव्यु में साफ तौर से कही गई है और यह भी कहा गया कि प्रतिवर्ष केवल एक ही जुलुस निकलता था जिससे कभी किसी को कोई तकलीफ नहीं हुई लेकिन दुसरा जुलुस आयोजित किया और विवाद की स्थिति आयोजको द्वारा निर्मित किया जाना चिंता का विषय है । दुसरे जुलूस में विलम्ब के कारण पुलिस प्रशासन के द्वारा आयोजकों से जुलूस को मस्जिद से आगे बढाने का कहा और जुलूस को आगे बढाने का प्रयास पुलिस के द्वारा किया गया तो आयोजकों एवं जुलूस में सम्मिलित लोगों के द्वारा पुलिस के साथ धक्का मुक्की की जाने लगी तथा एस.पी. महोदय को भी धक्का दिया गया जिसके नतीजे में पुलिस के द्वारा जुलूस में शामिल लोगों पर लाठी चार्ज किया जिसकी सूचना आगे चल रहे पहाड़सिंह पुरा वाले जुलुस के लोगो को लगी तो वह लोग उग्र हो गये और उनके द्वारा पठानवाड़ी मोहल्ले पर हमला कर दिया और मोहल्लों को घेर लिया साथ ही जुलूस में शामिल लोग मुल्लानवाड़ी, रंगरेजवाड़ी के तरफ घुस गए और मुस्लिम मोहल्लो में पथराव करने लगे । इसके साथ ही कहार मोहल्ला, गडरिया मोहल्ला और दांगी मोहल्ला के लोग भी मुस्लिम मोहल्लों पर पथराव करने लगे और मुस्लिम मोहल्लों में घुसकर पेट्रोल बम से हमला करने लगे । मुसलमानों के द्वारा बहुसंख्यकों के उक्त मामले से अपने घरों और परिवारजनों को बचाने के लिये रोकने का प्रयास किया गया जो कि उनके द्वारा अपनी आत्मरक्षा का अधिकार देता है । अगर यह प्रयास नहीं किया जाता तो मुस्लमानों को जो जन धन हानि हुई उससे कही ज्यादा नुकसान होने का खतरा था ।
रामनवमी पर निकाले गये जुलुस की अनुमति की भी जाॅच किये जाने की कृपा करें जिला प्रशासन द्वारा कितने जुलूस की अनुमति दी गई थी ? जुलूस का समय कब से कब तक का था ? उनमें कितने लोगों की सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान की गई थी ? तथा जुलूस निकालने की अनुमति किसके द्वारा की गई थी ? क्योंकि जैसा न्यूज चैनल और सोषल मीडिया के जरिये जानकारी प्राप्त हुई है उससे यह स्पष्ट हुआ है कि उस दिन दो जूलूस निकाले गये थे । विवाद का एक मुख्य कारण यह भी था कि जुलूस को निकालने वाले आयोजकों के द्वारा प्रशासन से प्राप्त अनुमति का पालन नही किया जाना भी एक बड़ा कारण था जिसके कारण प्रशासन एवं आयोजको के मध्य विवाद उत्पन्न हुआ और पूरा शहर साम्प्रदायिक दंगो की भेट चढ गया । प्रशासन की अनुमति का उल्लघंन करने वाले जुलूस के
आयोजको के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर गिरफतारी सुनिष्चित की जाकर उचित दण्डात्मक कार्यवाही करने की कृपा करें ।
बहुसंख्यक वर्ग के लोगों के द्वारा संजय नगर क्षेत्र, तैबा नगर टाॅवर क्षेत्र में, टवडी मोहल्ला में, धानमंडी क्षेत्र सराफा बाजार, काजीपुरा, पाला मंड, रहीमपुरा क्षेत्र आंनद नगर खण्डवा रोड, बडगांव एवं भाड़ली इण्डस्ट्रीयल एरिया आदि क्षेत्रों में कई मकानों, दुकाने, कारखाने एवं बस, मोटरसाईकल, कार आदि में तोडफोड एवं आगजनी की गई । इसके अतिरिक्त ग्राम जामली में मिर्ची के ढेर लुटे गये और बचे हुये ढेरों में आग लगा दी गई तथा खेत में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुचाया गया । मुस्लमानों का इतना नुकनान होने के बाद भी पुलिस बल द्वारा मुस्लिम बस्तियों के दरवाजों को तोड़ तोड़ कर घरों में घुसकर लगभग 200 मुस्लिम बच्चों को रात के अंधेरे में गिरफतार कर उन पर झुठे मुकदमे बना कर उनको जेल भेज दिया गया आंनद नगर क्षेत्र में मुस्लिम समाज के 28 वर्षीय युवक 10.04.2022 को शाम 6 बजे से लगभग अपने चाचा के घर रोजा इफतारी की सामग्री देने गया तब उस लड़के पर बहुसंख्यक वर्ग के 10-12 लड़कों के द्वारा हथियारों से हमला किया गया जिससे उसकी उसी दिन मृत्यु हो गई । दिनांक 17.04.2022 को पुलिस कांस्टेबल के द्वारा उसके परिवार को सुचना दी गई कि उसकी लाष एम.वाय अस्पताल इंदौर के मुर्दाघर में है और उसके बाद 18.04.2022 को उसकी लाष पुलिस खरगोन लेकर आई और उसे दफनाया गया । बहुसंख्यक वर्ग के लड़को के द्वारा उसकी हत्या की गई है ।
इस संबंध में एक कमेटी गठित की जाकर समस्त घटना की न्यायिक जाॅच कराई जाये एवं दोषियों पर प्रकरण दर्ज करवाये जाकर उचित दण्डात्मक कार्यवाही करने एवं वर्तमान मेे पुलिस के द्वारा जो आरोपियों के बदले में अन्य रिश्तेदारों को उठाये जाने की अवैधानिक
गिरफतारियां की जा रही है उसे तत्काल रोका जाये पुलिस ने जिन निर्दोषो को गिरफतार किया गया है उन्हें छोड़ा जाने, पुलिस के द्वारा रात के अंधेरे में जो गिरफतारियां की गई तथा मारपीट की गई जिसके कारण मोहल्लों मे दहशत का माहोल पैदा रहा है । इस पर तत्काल कार्यवाही की जाकर शहर में शांति का माहोल स्थापित किये जाने पर शेख अलीम प्रदेश
अध्यक्ष म.प्र. कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग तथा महेन्द्र सिंह वोहरा प्रभारी अल्पसंख्यक विभाग के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डलो के साथ आज दिल्ली में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विभाग चेयरमेन श्री इकबाल सिंह लालपुरा जी को ज्ञापन सौपा जिसमें जनाब वाहिद कुरैषी जी, जाकिर खान जी, इस्माईल पठान जी, अलीम शेख, मिर्जा अब्दुला जी मौजुद थे । इसी के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगड़ी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं एम.एल.ए श्री के.राजु जी से मुलाकात कर प्रतिनिधि मण्डलो के साथ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक कार्यालय में खरगोन के संबंध में जानकारी से अवगत कराया गया
माननीय महोदय को अवगत कराते हुए मांग की जाती है खरगोन में हुई सांप्रदायिक हिंसा की न्यायिक जांच एवं हिंसा में घायल अल्पसंख्यकों की थ्प्त् लिखी जाये एवं इस तरह की घटनाओं को रोका जाए ।
