शादी के २३ साल बाद देवास की बेटी ने की पीएचडी,मुस्लिम बच्चों के पढ़ाई में पिछड़ने पर किया शोध
देवास शहर के सीनियर एडव्होकेट इरशाद अहमद कुरैशी की बेटी फराह फारूकी को सोशलिज्म में पीएचडी की डिग्री मिली।
1999 में हो गई थी शादी
फरहा फारुकी ने वाकिफ़ खबर से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी शादी सन 1999 में हो गई थी शादी के वक्त वह सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी। शादी के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन कम्पलीट किया……
2016 में मास्टर्स डिग्री में मिला gold मैडल
सन 2016 में सोशलिज्म में उन्हें मास्टर डिग्री में यूनिवर्सिटी टॉपर का गोल्ड मेडल मिला उसके बाद उन्होंने पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम दी और सिलेक्ट हुए मात्र 38 कैंडिडेट्स में वह भी एक थी……

फैमिली ने किया फुल सपोर्ट
फराह फ़ारूक़ी ने बताया कि उनकी फैमिली ने डॉक्टरेट की उपाधि मिलने तक उनका बहुत सहयोग किया, फरहा फारूकी के परिवार में उनके पति मोहम्मद उबेद माइक्रो फोकस स्टडी सर्कल के नाम से इंदौर शहर में एक कोचिंग चलाते है उनकी बेटी ऐमन फ़ारूक़ी कॉलेज स्टूडेंट है और बेटा 10th क्लास में।

PHD का विषय रहा मुस्लिम बच्चों की अधूरी पढ़ाई
अपनी पीएचडी की डिग्री के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि अपना रिसर्च विशेष तौर पर मुस्लिम बच्चों के पढ़ाई बीच में छोड़ देने पर किया। और काफी सारे कारण उन्हें नजर आए जिसमें सबसे बड़ा कारण मुस्लिम समाज की आर्थिक स्थिति कमजोर होना है और लड़कियों की पढ़ाई ना कराने की सबसे बड़ी वजह मुस्लिम समाज में असुरक्षा की भावना है।
वहीं एक बड़ा कारण और उन्होंने यह पाया मुस्लिम समाज में जो पिछड़ा तबका है उस में शिक्षा की बहुत कमी है।
अब प्रोफेसर बन पढ़ाएंगी बच्चों को
अपनी PHD की डिग्री पूरी करने के बाद फराह अब प्रोफेसर बन कर बच्चों को ऊँची तालीम देने की मंशा रखती है।

