देश के पहले संविधान पार्क में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्ती भी लगाई जाए।
देवास- आज जयस बिरसा ब्रिगेड तथा डॉ.अंबेडकर विद्यार्थी संगठन द्वारा जिलाधीश के नाम तहसीलदार तथा निगम आयुक्त नगर निगम देवास को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में यह बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्र के टाटा चौराहे पर देश का पहला संविधान पार्क बनने जा रहा है, जिनमें कई क्रांतिकारियों की मूर्तियां लगाई जाना है।ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी जैसे सिद्धू कानू, टंट्या भील, बिरसा मुंडा, शंकर शाह रघुनाथ शाह, जयपाल सिंह मुंडा ,रानी दुर्गावती जैसे क्रांतिकारियों ने लड़ाई लड़कर भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ वर्ष 1855 में सिद्धू कानू ने संथाल विद्रोह किया था, टंट्या भील ने अंग्रेजों के खिलाफ 33 साल तक हथियार बंद लड़ाई लड़ी थी। वर्ष 1897 से 1900 तक बिरसा मुंडा के नेतृत्व में अंग्रेजो के खिलाफ उलगुलान करते हुए मात्र 25 वर्ष की आयु में शहीद हो गए थे। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन से शंकर शाह एवं उनके बेटे रघुनाथ शाह को 18 सितंबर 1857 को तोप के सामने बांधकर उड़ा दिया गया था। डॉ.भीमराव अंबेडकर ने संविधान का निर्माण किया। उक्त सभी स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्ति भी देश के पहले संविधान पार्क में स्थापित की जावे जिससे पूरा विश्व प्रेरणा ले सकें।इस अवसर पर रवि गामड़, अनिल बरला, संदीप मालवीय, अनिकेत परमार, राकेश देवडे़ तथा जयस बिरसा ब्रिगेड, डॉ.अंबेडकर विद्यार्थी संगठन के युवा उपस्थित थे।
