मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री दीपक जोशी देवास जिले के केलोदा गांव में अतिक्रमण की कार्रवाई का विरोध करते हुए बुलडोजर के सामने बैठ गए दीपक जोशी का कहना था कि ये एक चाय वाले की दुकान है और क्योंकि सरपंच चुनाव में चाय वाले ने सरपंच को वोट नहीं दिया तो यह बदले की कार्रवाई चाय वाले के साथ की जा रही है हम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में नहीं है लेकिन कम से कम पहले चाय वाले को किसी माकूल जगह विस्थापित कर दिया जाए ताकि उसका जीवन सुचारु रुप से चलता रहे वही किसान नेता रविन्द्र चौधरी का कहना है की गरीब चाय वाले की गुमटी को तोड़ने के लिए केलोद गांव में बुलडोजर कुछ इस तरह से आया है जैसे सारे भारत का अतिक्रमण इसी गांव में हो गया है हम इस गरीब चाय वाले के साथ खड़े हैं और हमारी लाश के ऊपर से ही इसकी गुमटी टूटेगी जब तक चाय वाले को कोई दूसरी जगह नहीं दी जाती तब तक यह चाय वाला इसी गुमटी में चाय बचेगा।वही देवास जिला प्रशासन भी काफी संख्या में केलोद गांव में पहुंच गया है
