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Vaqif Khabar

मर्चेंट नेवी से,शहर की चुनौती भरी राजनीति में एक कुशल राजनीतिज्ञ का प्रवेश

ByM. Farid

Dec 26, 2022

वक़ीफ़ ख़बर-व्यक्ति विशेष

प्रवेश अग्रवाल-देवास शहर की राजनीति में धूमकेतु के तरह उभरा एक नाम
हम आज व्यक्ति विशेष में एक ऐसी शख्सियत के जीवन के अनछुए पहलुओं पर चर्चा करेंगे जो देवास शहर की सियासत में एक धूमकेतु की तरह उभरा है जो बहुत ही कम समय में देवास शहर के राजनीतिक गलियारों में एक जाना पहचाना नाम बन चुका है।

प्रवेश अग्रवाल -जी हां एक ऐसा नाम जो कि देवास शहर में कुछ माह पूर्व हुए महापौर चुनाव में काफी चर्चा में रहा।महापौर चुनाव परिणाम के बाद प्रवेश अग्रवाल को लेकर यहां तक कहा गया कि अगर प्रवेश अग्रवाल की पत्नी श्वेता प्रवेश अग्रवालको टिकट मिला होता तो कांग्रेस का महापौर चुनाव परिणाम में देवास शहर में इतना बुरा हाल ना होता।

2018 विधानसभा चुनाव में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

मध्यप्रदेश में बनी 2018 में  कांग्रेस की सरकार में निभा चुके है बड़ी भूमिका, कांग्रेस के पक्ष में किया हजारों संतो का जमावड़ा

                             संतो की महारैली

मध्य प्रदेश की राजनीति में प्रवेश अग्रवाल की शख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में हजारों संतो का एकत्रित किया।               कांग्रेस के पक्ष में हजारों संतो का जमावड़ा

2018 के चुनाव में संत समाज का महाभोज करवा कर आशीर्वाद प्राप्त किया                             संतो का महाभोज

उच्च शिक्षित राजनेता

ग्वालियर में जन्मे प्रवेश अग्रवाल आईआईटी में चयन होने के बाद 7 साल तक मर्चेंट नेवी में अधिकारी रहे।उसके बाद व्यापार की दुनिया में अपना नाम रोशन करते हुए एक कामयाब बिजनेस समूह स्थापित किया जिस में 2200 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

अवैध रेत खनन का किया विरोध।दो बार हुए जानलेवा हमले

कांग्रेस सरकार में प्रवेश अग्रवाल को कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह द्वारा नर्मदा युवा सेना अध्यक्ष की जिम्मेदारियां दी गई जिसे बखूबी निभाते हुए अवैध खनन को रोकने हेतु कई कार्य किए जिस के फलस्वरूप प्रवेश अग्रवाल पर जानलेवा हमले भी हुए और दो बार मौत के मुंह से वापस लौटकर एक ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता की तरह कांग्रेस की सेवा में जुटे रहे।

कांग्रेस का मिशन 2023

मध्यप्रदेश में विधानसभा के चुनाव 2023 में होना है जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी प्रत्येक विधानसभा सीट पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती इसी कड़ी में देवास विधानसभा मैं कांग्रेस के जनाधार को और मजबूत करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा शहर के अन्य वरिष्ठ कांग्रेसियों के साथ ही प्रवेश अग्रवाल को देवास की ज़िम्मेदारी दी गई है।

प्रवेश अग्रवाल भी शहर में कांग्रेस में एक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं के समस्त शहर की कांग्रेस को वो एक परिवार की तरह मानते है और इसी के तहत प्रवेश अग्रवाल किसी भी अवसर पर शहर के कांग्रेसियों को एकजुट करने का मौका नहीं छोड़ते

दीपावली पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर घर मिठाई

प्रवेश अग्रवाल द्वारा दीपावली के अवसर पर शहर के सभी कांग्रेसी नेताओं के घर मिठाई पहुंचाई गई और मिठाई के ज़रिए शहर के काँग्रेसियों को एक संदेश देने की कोशिश की गई की प्रत्येक काँग्रेसी कार्यकर्ता एक पारिवारिक सदस्य की तरह है।

देवास के वरिष्ठ कांग्रेसियों का उनके घर जाकर सम्मान किया

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के जन्म दिवस के अवसर पर देवास कांग्रेस  के कार्यकर्ताओं का घर घर जाकर सम्मान किया सम्मान

कमलनाथ  के 75 वें जन्मदिवस के अवसर पर देवास शहर के कई क्षेत्रों में घर घर जाकर वरिष्ठ एवं युवा कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रवेश अग्रवाल द्वारा उत्साह वर्धन किया, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि संपूर्ण प्रदेश में कांग्रेस के अंतिम से अंतिम पंक्ति का कार्यकर्ता कांग्रेस के लिए जी जान से संपूर्ण समर्पणता के साथ कांग्रेस के लिए समर्पित रहता हैं, इसीलिए कांग्रेस के अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के घर पहुंच कर कमलनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर उनका सम्मान कर उत्साह वर्धन किया

देवास शहर में जर्जर हो रही काँग्रेस को मज़बूत करना प्रवेश अग्रवाल के लिए बड़ी चुनोती 

देवास शहर में कांग्रेस पार्टी की गुटबाजी किसी से छुपी नहीं है शहर में कांग्रेस में कई गुट है जिसके चलते देवास में कांग्रेस की राजनीतिक वजूद काफी कमजोर होता जा रहा है एक समय कांग्रेस का गढ़ रहे देवास मैं कांग्रेस की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पोस्टर पर खुल्लम खुल्ला कालिख़ पोती गई और समस्त देवास काँग्रेस मोनमुद्रा में रही।

वही कुछ माह पूर्व हुए नगर निगम चुनाव परिणाम में भी  45 में से मात्र 8 सीटों पर कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी जीते हैं और महापौर का चुनाव कांग्रेस पार्टी 45 हजार से ज्यादा वोटों से हारी है ऐसे में प्रवेश अग्रवाल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है कि अलग-अलग गुटों में बटी हुई कांग्रेस को वह किस तरह से एक मंच पर ला सकते हैं और अगर वह ऐसा करने में कामयाब रहे तो निश्चित ही देवास शहर की कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक संजीवनी की तरह होगा।

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