देवास जिले के बरोठा थाना क्षेत्र के ग्राम बांगरदा में मंगलवार शाम 15 वर्षीय किशोर हरिओम पिता मोहनलाल की लाश संदिग्ध अवस्था में गाँव के ही एक किसान के खेत के पास मिली। किशोर उसी खेत में पानी फेरने का कार्य करता था।घटना की जानकारी लगते ही इलाके में सनसनी फेल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़के के पिता का कहना है कि 5 तारीख की रात करीब 3:00 बजे जब वह खेत में पानी देने गए थे तब हरिओम घर पर ही सो रहा था लेकिन सुबह 6:00 बजे जब वह वापस आए तो हरिओम घर पर नहीं था। परिवार वालों को लगा कि हरिओम
अपने मामा के घर चला गया होगा इसीलिए परिवार वाले थाने नहीं गए और अपने स्तर पर ही उसकी खोज करते रहे। पिता के अपने पुत्र को आखरी बार देखने के बाद पुत्र की लाश लगभाग 30 घंटे बाद संदिग्ध एवं वीभत्स अवस्था में मिली।
हरिओम के दोनों हाथों को बड़ी ही बेरहमी के साथ शरीर से अलग किया गया है।देखने से बिल्कुल समझ पाना मुश्किल है कि हाथों को किस हथियार से अलग किया गया है।
बरोठा पुलिस मामले की जांच में जुट गई है । मामले की गंभीरता को देखते हुए देवास के पुलिस कप्तान डॉक्टर शिवदयाल सिंह के साथ सभी आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।पुलिस घटना के हर पहलू पर बारीकी से जांच पड़ताल कर शरीर से अलग किये गए दोनों ही हाथों की तलाश कर रही है।
इतने वीभत्स रूप में लाश के मिलने से क्षेत्र में सनसनी फेल गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ज़िला
अस्पताल भेज दिया है जहां सुबह उसका पोस्टमार्टम होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह खुलासा होगा कि आखिरकार हरिओम की मौत कैसे हुई है।वैसे प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का लग रहा है।
