ग्राम राजोदा की विष्णु बाई पति दिनेश परमार ने देवास कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को चल रही जनसुनवाई में आवेदन दिया कि उनका परिवार पिछले 50 वर्षों से घर से लगी हुई भूमि पर मुर्दा मवेशी की खाल निकालने का कार्य करता है।उक्त शासकीय भूमि राजस्व रिकॉर्ड पर मुर्दा मवेशी के खाल निकालने हेतू आवंटित है।
जनसुनवाई में विष्णु बाई के साथ पहुंची उनकी लड़की सोनल परमार का कहना है कि उनके परिवार की मुर्दा मवेशी के खाल निकालने की जगह थी जिसे गांव के सरपंच ने तुड़वा दिया है तथा उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी की गई है। सरपंच ऊंची जाति का है और हम लोग नीची जाति के हैं इसीलिए हमारे साथ भेदभाव होता है।हमने सीएम हेल्पलाइन पर भी इसकी शिकायत कर दी है लेकिन अभी तक किसी भी तरह का कोई निराकरण नहीं हुआ है।सरपंच एवं अन्य लोगो द्वारा इस भूमि पर असंवैधानिक निर्माण कर सार्वजनिक भवन का निर्माण करने की मंशा बनाकर मोके पर बिल्डिंग मटेरियल चुरी आदि भी डालकर निर्माण की पुरी योजना बना चुके है ।परिवार का कहना है कि उक्त भूमि शासन द्वारा मुर्दा मवेशी की खाल निकालने हेतू आवंटित की गई है। ऐसे में आवंटित भूमि पर निर्माण कर दिया जाता है तो परिवार का जीवन यापन करना काफी मुश्किल हो जाएगा।
