न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता…
सत्र की पहली नेशनल लोक अदालत का किया बहिष्कार
25 सिलेक्ट केस के अलावा भी हो केस की सुनवाई …
मप्र उच्च न्यायालय द्वारा निकाले गए एक आदेश को लेकर देवास में आज अभिभाषक संघ ने नेशनल लोक अदालत का बहिष्कार किया। अधिवक्ता कार्य से विरत रहे यानी उन्होंने कोई कार्य नहीं किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक वर्मा ने वाकिफ़ ख़बर को बताया कि देवास बार एसोसिएशन के वकीलों ने लोक अदालत का बहिष्कार किया है। एडव्होकेट अशोक वर्मा का कहना है कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने एक आदेश निकाला है जिसके तहत कुछ प्रकरणों को सिलेक्ट किया है जो 5 एवं 3 वर्ष पुराने है आदेश के अनुसार ऐसे 25 प्रकरणों की लिस्ट न्यायलयों में बनाई जाए और लिस्ट के आधार पर उन्हीं मुकदमों का पहले निराकरण किया जाए।
इसकी वजह से वकीलों को यह परेशानी हो रही है कि अदालतों में वही 25 सिलेक्टेड केसेस चलाए जा रहे हैं,जिसकी वजह से दूसरे प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से मामले काफी लंबित हो रहे हैं क्योंकि अदालत इन्हीं 25 केसों को लेकर बैठ जाती है और दूसरें प्रकरणों पर ध्यान नहीं देती है।
इसी बात को लेकर वकीलों ने विरोध किया है कि सभी प्रकरणों की सुनवाई एक साथ की जाए। यह विरोध प्रदेश स्तर का है और प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन आज हड़ताल पर है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के 25 लिस्टेड प्रकरणों के निराकरण करने वाली नीति के विरोध में 13 एवं 14 फरवरी को भी वकील हड़ताल पर रहेंगे।
