देवास
उच्चतम न्यायालय द्वारा हायर पेंशन स्कीम को लागू करने के आदेश पीएफ डिपार्टमेंट को दिया गया है इसी के तहत उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने आदेश में दो कैटेगरी बनाई गई है पहले कैटेगरी में 1995 से 2014 के बीच रिटायर हुए प्राइवेट कर्मचारी तथा दूसरी कैटेगरी में 2014 के बाद रिटायर हुए प्राइवेट कर्मचारी है।
देश भर के 600 जिलों में Pf डिपार्टमेंट द्वारा हर महीने की 27 तारीख को कर्मचारियों की समस्याएं सुलझाने लिए शिविर का आयोजन किया जाता है। ऐसा ही एक शिविर आज देवास औद्योगिक क्षेत्र में एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री के दफ्तर में लगाया गया।जहाँ सीनियर पेंशन स्कीम में फॉर्म भरने में आ रही समस्याओं को लेकर मज़दूर नेता,पूर्व इंटक अध्यक्ष दिलीप परमार एवं काँग्रेसी नेता एडवोकेट सिद्धार्थ माहोरकर, मनोज पवाँर एवं राजा पडियार शिविर में पहुँचे।जहाँ अधिकारियों से चर्चा करते हुए एडवोकेट सिद्धार्थ माहोरकर ने कहा कि
हायर पेंशनर स्कीम के संधर्भ में जो सर्कुलर PF डिपार्टमेंट द्वारा जारी किया गया है वो पूणतः अंग्रेज़ी भाषा मे है जिसे रिटायर प्राइवेट कर्मचारियों को समझने में काफी दिक्कतें आ रही है।वहीँ PF डिपार्टमेंट द्वारा इस योजना का प्रचार प्रसार भी व्यापक रूप से नही किया गया है।जिसकी वजह से कई रिटायर कर्मचारियों को अभी तक पता ही नही है।और इसी वजह से कई कर्मचारी इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह सकते है। एडवोकेट सिद्धार्थ माहोरकर ने करने यह भी बताया कि इंदौर का PF ऑफिस आवेदन को फिजिकल तौर पर ले रहा है लेकिन उज्जैन का ऑफिस ऑनलाइन आवेदन के लिए कह रहा है चूँकि फॉर्म जमा करने की साइट अभी ओपन नहीं हो रही है इसलिए कर्मचारियों का ऑनलाइन आवेदन करना दुश्वार साबित हो रहा है।
इंदौर से आए हुए पीएफ डिपार्टमेंट के इन्फोर्समेंट ऑफिसर मानस मिश्रा ने वक़ीफ़ खबर को बताया की पेंशन स्कीम में आ रही समस्याओं को जल्द ही दूर करने की कोशिश की जा रही है वहीँ कर्मचारियों की सुविधा के लिए अंतिम तिथि भी 3 मार्च 2023 से बढ़ाकर मई 2023 कर दी गई है।
