-देवास
देवास में नए फ्लाय ओवरब्रिज का नाम ‘जबरन का ब्रिज’ लिखने पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री पर केस…
रविवार को किया गया था प्रदर्शन, PWD उपयंत्री की शिकायत के बाद सोमवार रात सिविल लाइन पुलिस ने दर्ज किया केस…
शासकीय पुल को कुरुपित किये जाने को लेकर दर्ज हुई FIR.. 
देवास शहर में एबी रोड़ पर करोड़ों की लागत से बनकर लगभग तैयार फ्लाय ओवरब्रिज का नामकरण ‘जबरन का ब्रिज’ कर उस पर ‘जबरन का ब्रिज’ के बैनर-पोस्टर लगाने और लिखने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस
ने सोमवार रात को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री प्रदीप चौधरी सहित उनके साथियों के खिलाफ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस जांच के दौरान वीडियो के आधार पर प्रदीप चौधरी के साथियों की पहचान कर रही है।
दरअसल रविवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री प्रदीप चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर फ्लाय ओवरब्रिज का नामकरण ‘जबरन का ब्रिज’ के नाम से किया था। इस दौरान रैली निकालकर जमकर नारेबाजी भी की गई थी।
यह फ्लाय ओवरब्रिज रामनगर चौराहे से बावडिय़ा तक बना है और इसकी लंबाई करीब 1.8 किमी के आसपास है।
प्रदीप चौधरी ने प्रदर्शन कर कहा था कि उक्त ब्रिज को भोपाल चौराहे से LNB क्लब के आगे तक बनाया जाना था और इसीलिए स्वीकृत हुआ था लेकिन भाजपा ने अपनी हटधर्मिता से उक्त ब्रिज की जगह परिवर्तन कर उसे रामनगर से बावडिय़ा तक बनवा दिया। यहां ब्रिज की कोई जरूरत ही नहीं थी, इसलिए इस ब्रिज का नाम ‘जबरन का ब्रिज’ नाम रखा गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्रिज पर जबरन का ब्रिज के बैनर लगाने के साथ ही लाल रंग से जबरन ब्रिज लिखा भी गया था।
अब इस मामले में उपयंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु उप संभाग उज्जैन महेश कुमार शर्मा निवासी ऋषिनगर एक्सटेंशन उज्जैन की शिकायत पर सोमवार रात सिविल लाइन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी व साथियों पर मप्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम-1994 की धारा-3 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एफआईआर में लिखा गया है कि शासकीय पुल को कुरुपित किया गया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक फिलहाल प्रदीप चौधरी को मामले में आरोपी बनाया गया है। विडियो फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
